मनी लॉन्ड्रिंग केस: गुरुग्राम कोर्ट में रात 1 बजे तक चली बहस, मंत्री संजीव अरोड़ा को बड़ा झटका
May 10, 2026 10:36 AM
गुरुग्राम। पंजाब की सियासत में भूचाल लाने वाले मनी लॉन्ड्रिंग केस में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की रातें अब ईडी की कस्टडी में गुजरेंगी। शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात गुरुग्राम कोर्ट में जो मंजर दिखा, वह किसी फिल्मी ड्रामा से कम नहीं था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तारी के बाद अरोड़ा को देर रात करीब 11:20 बजे जज के सामने पेश किया। इसके बाद करीब दो घंटे तक चली तीखी कानूनी बहस और दलीलों के दौर के बाद कोर्ट ने मंत्री को 16 मई तक के लिए रिमांड पर भेजने का आदेश सुनाया।
ईडी की दलील: 'साजिश की तह तक जाना जरूरी'
अदालत के भीतर ईडी के वकीलों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। जांच एजेंसी का साफ तौर पर कहना था कि यह महज वित्तीय हेरफेर का मामला नहीं है, बल्कि एक गहरी साजिश है। ईडी ने कोर्ट में दलील दी कि संजीव अरोड़ा के पास से जुड़े कुछ अहम डिजिटल सबूत और दस्तावेजों की बरामदगी अभी बाकी है। एजेंसी ने 10 दिनों की रिमांड की मांग करते हुए कहा कि मामले से जुड़े अन्य कड़ियों और 'पैसे के रास्तों' (Money Trail) का पता लगाने के लिए मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जांच के हित में अनिवार्य है।
बचाव पक्ष का पलटवार: '72 घंटे की अवैध हिरासत'
दूसरी तरफ, संजीव अरोड़ा के वकीलों ने ईडी की कार्रवाई को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'पॉलिटिकल वेंडेटा' (राजनीतिक द्वेष) करार दिया। बचाव पक्ष ने करीब 20 मिनट तक अपनी दलीलें पेश कीं और सवाल उठाया कि बिना किसी ठोस सबूत के एक मौजूदा मंत्री को 72 घंटे तक हिरासत में क्यों रखा गया? वकील ने कोर्ट में कहा कि ईडी के पास न तो जीएसटी चोरी के कोई दस्तावेज हैं और न ही कस्टम विभाग से जुड़ी कोई रिपोर्ट। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई केवल राजनीतिक दबाव में की गई है ताकि सरकार की छवि धूमिल की जा सके।
16 मई को दोबारा होगी पेशी, रडार पर कई संदिग्ध फर्म
मैराथन सुनवाई के बाद अदालत ने बीच का रास्ता निकालते हुए 7 दिनों की रिमांड मंजूर की। अब 16 मई तक संजीव अरोड़ा से उन फर्जी कंपनियों और ट्रांजेक्शन के बारे में पूछताछ होगी, जिनका जिक्र ईडी की शुरुआती जांच में आया है। सूत्रों के मुताबिक, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस जैसी फर्मों के साथ हुए करोड़ों के लेन-देन को लेकर अरोड़ा से सवाल-जवाब किए जाएंगे। 16 मई को रिमांड खत्म होने पर उन्हें दोबारा गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां तय होगा कि उनकी कस्टडी बढ़ेगी या उन्हें जेल भेजा जाएगा।