अंबाला कैंट एयरपोर्ट से जल्द शुरू होंगी उड़ानें: अयोध्या जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी
Apr 17, 2026 10:46 AM
हरियाणा। हरियाणा की राजनीति के 'गब्बर' और प्रदेश के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज अंबाला कैंट हवाई अड्डे को चालू कराने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। वीरवार को चंडीगढ़ में नागरिक उड्डयन विभाग के आला अधिकारियों के साथ हुई एक अहम बैठक में विज ने साफ कर दिया कि अब देरी की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि सीसीटीवी इंस्टालेशन, कंट्रोल रूम सेटअप और सुरक्षा जांच से जुड़े छोटे-मोटे तकनीकी कामों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। विज ने स्वयं मौके पर जाकर टर्मिनल का मुआयना किया और बैगेज स्कैनर से लेकर पार्किंग तक की सुविधाओं का जायजा लिया।
अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात
इस हवाई अड्डे को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा और उत्साह अंबाला से अयोध्या के लिए प्रस्तावित उड़ान को लेकर है। मंत्री अनिल विज ने कहा कि रामलला के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं में इस रूट को लेकर जबरदस्त क्रेज है। इसके अलावा, हवाई अड्डा शहर के बिल्कुल करीब होने के कारण यात्रियों को चंडीगढ़ या दिल्ली जाने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। टर्मिनल के बाहर एक अलग एयर टर्मिनल बनाने का भी प्रस्ताव है, ताकि कार्गो ऑपरेशन यानी माल ढुलाई के काम को भी गति मिल सके।
पांच राज्यों के मुसाफिरों की होगी 'बल्ले-बल्ले'
अंबाला अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण एक बड़ा जंक्शन है, जिसका लाभ अब हवाई सेवाओं में भी दिखेगा। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल हरियाणा के कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, कैथल और पानीपत के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों के लिए भी यह सबसे नजदीकी एयर हब बनेगा। इससे इलाके में व्यापारिक गतिविधियां तो बढ़ेंगी ही, साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
133 करोड़ की जमीन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए अंबाला कैंट एयरफोर्स स्टेशन के पास की करीब 20 एकड़ जमीन रक्षा मंत्रालय से 133 करोड़ रुपये में ली गई थी। वहीं, एयरपोर्ट के टर्मिनल और अन्य बुनियादी ढांचे पर लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। बैठक के दौरान नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि उद्घाटन की तारीख जल्द तय करने के लिए तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए।