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32,417 करोड़ का निवेश और सवा लाख नौकरियां, हिसार एयरपोर्ट के पास बनेगा नया इंडस्ट्रियल हब

Apr 17, 2026 12:22 PM

हिसार। हरियाणा के स्टील सिटी हिसार के लिए एक बड़ा औद्योगिक सपना हकीकत बनने की दिशा में बढ़ गया है। महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे के बिल्कुल पीछे 1605 एकड़ के विशाल भूखंड पर 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर' (IMC) स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। पर्यावरण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अपनी क्लीयरेंस दे दी है। बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद इस प्रोजेक्ट की रफ्तार तेज करने का फैसला लिया गया। यह क्लस्टर न केवल हिसार बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।

विदेशी निवेश और सवा लाख नौकरियों का रोडमैप

यह परियोजना महज एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि रोजगार का एक समंदर लेकर आ रही है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, इस क्लस्टर के पूरी तरह विकसित होने के बाद सवा लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर नौकरियां मिलेंगी। करीब 32,417 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश के साथ यहाँ देश-विदेश की बड़ी कंपनियां अपनी यूनिट्स लगाएंगी। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) से जुड़ी होने के कारण इस साइट की लॉजिस्टिक वैल्यू काफी बढ़ गई है, जिससे विदेशी निवेशक भी यहाँ अपनी रुचि दिखा रहे हैं।

डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर पर रहेगा खास फोकस

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि इस क्लस्टर का ढांचा बेहद आधुनिक होगा। यहाँ मुख्य रूप से एयरोस्पेस और डिफेंस, भारी इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग और गारमेंट उद्योग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने सिंचाई, नागरिक उड्डयन, बिजली निगम और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी से काम की फाइलें नहीं रुकनी चाहिए। बिजली और पानी की आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे को समय रहते तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

बदलेगी पूरे हरियाणा की औद्योगिक तस्वीर

प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि 1605 एकड़ जमीन के बड़े हिस्से को सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं और शेष औपचारिकताएं भी अंतिम चरण में हैं। हिसार का यह क्लस्टर आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में हरियाणा को एक नई पहचान देगा। एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण निर्यात (Export) से जुड़े उद्योगों को यहाँ सबसे ज्यादा फायदा होगा। आने वाले समय में हिसार का यह क्षेत्र न केवल औद्योगिक हब बनेगा, बल्कि यहाँ के बुनियादी ढांचे में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा।

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