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नूंह में विकास की लहर: 60 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, जानें क्या-क्या बदलेगा

Apr 17, 2026 11:42 AM

नूंह। नूंह जिले के निवासियों के लिए सुनहरे भविष्य की दस्तक हुई है। लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहे इस क्षेत्र के लिए प्रशासन ने विकास का बड़ा पिटारा खोल दिया है। 60 करोड़ रुपये की लागत से शहर में चार ऐसी परियोजनाओं पर काम शुरू होने जा रहा है, जो न केवल यहाँ की बुनियादी संरचना को मजबूत करेंगी, बल्कि युवाओं और कला प्रेमियों को भी नया मंच प्रदान करेंगी। नगर परिषद ने इन परियोजनाओं का खाका इस तरह तैयार किया है कि विकास के साथ-साथ शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी सहेजा जा सके।

खेल, कला और प्रशासन: एक साथ मिलेंगी चार सौगातें

इस विकास योजना के तहत सबसे बड़ा तोहफा क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों के लिए है। पलवल टी-पॉइंट स्थित मेवात मॉडल स्कूल के समीप एक वर्ल्ड क्लास स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को अब अभ्यास के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही, पुराने कार्यालय मार्ग पर एक आधुनिक सभागार (Auditorium) और संग्रहालय (Museum) बनाया जाएगा, जो मेवात की समृद्ध विरासत को संजोने का काम करेगा। वहीं, प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाने के लिए नगर परिषद के वर्तमान भवन के साथ एक नई बहुमंजिला इमारत भी खड़ी की जाएगी, जिससे आम जनता को एक ही छत के नीचे तमाम सुविधाएं मिल. सकेंगी।

जलभराव की समस्या का 'सर्जिकल स्ट्राइक' समाधान

नूंह शहर के लिए मानसून हमेशा से मुसीबत लेकर आता रहा है, लेकिन अब प्रशासन ने इसका पक्का इलाज खोज लिया है। नए मास्टर प्लान के मुताबिक, अब शहर की कोई भी सड़क बिना ड्रेनेज सिस्टम के नहीं बनेगी। सीवर लाइनों से अलग, अब बारिश के पानी की निकासी के लिए विशेष गटर लाइनें बिछाई जाएंगी। इस नई तकनीक की खासियत यह है कि बारिश का पानी अपने साथ कूड़ा-करकट लेकर लाइन में नहीं फंसेगा और ढलान के जरिए कुछ ही मिनटों में शहर से बाहर निकल जाएगा।

पार्षद और अधिकारी आश्वस्त: अब नहीं रुकेंगे सड़क पर पहिए

स्थानीय जनप्रतिनिधि इस नई व्यवस्था को लेकर काफी उत्साहित हैं। वार्ड-16 के पार्षद हरीश नंदा और वार्ड-6 के पार्षद राकेश रोहिल्ला का मानना है कि अलग निकासी लाइन बनने से मुख्य सीवर लाइन चोक होने की समस्या खत्म हो जाएगी। वहीं, तकनीकी पक्ष रखते हुए एसडीओ राजपाल खटाना ने बताया कि पहले जहां बारिश के बाद जलभराव खत्म होने में घंटों लग जाते थे, अब नई व्यवस्था के तहत बारिश रुकने के महज 5 से 10 मिनट के भीतर सड़कें पूरी तरह सूखी नजर आएंगी। इसके साथ ही पलवल टी-पॉइंट से झंडा चौक तक की सड़क का सौंदर्यीकरण कर इसे 'मॉडल रोड' के रूप में विकसित किया जाएगा।

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