पंजाब में गेहूं खरीद में देरी से नाराज किसानों का रेल रोको आंदोलन 3 दिन के लिए टाला, सरकार को दिया अल्टीमेटम
Apr 17, 2026 12:12 PM
चंडीगढ़: पंजाब में गेहूं खरीद और लिफ्टिंग में देरी को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच किसानों ने प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को फिलहाल तीन दिनों के लिए टाल दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) समेत सभी संगठनों ने मिलकर यह फैसला लिया है। इससे पहले राज्य के 18 जिलों में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों की आवाजाही रोकने की तैयारी कर चुके थे, जिससे बड़े स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका थी।
18 जिलों में बड़े आंदोलन की थी तैयारी
किसानों ने पूरे पंजाब में रेल रोको आंदोलन की योजना बनाई थी, जिसमें लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और फिरोजपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल थे। KMM और SKM के आह्वान पर हजारों किसानों के रेलवे पटरियों पर बैठने की संभावना थी। इस आंदोलन को लेकर प्रशासन भी अलर्ट पर था, क्योंकि इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों दोनों पर असर पड़ सकता था।
गेहूं खरीद में देरी से बढ़ा आक्रोश
किसान नेताओं का आरोप है कि मंडियों में गेहूं की खरीद और लिफ्टिंग जानबूझकर धीमी की जा रही है। कई जगह बारदाने की कमी के कारण किसान अपनी फसल लेकर कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं। जगराओं में हुई महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि नमी के नाम पर उनकी फसल को रिजेक्ट करना या देरी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे ने ग्रामीण इलाकों में व्यापक असंतोष पैदा कर दिया है।
केंद्र सरकार ने दिए आश्वासन
किसानों के आंदोलन के ऐलान के बाद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) को गेहूं खरीद के मानकों में छूट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत टूटे और सिकुड़े दानों के लिए अधिकतम 20% तक छूट और चमक खो चुके दानों के लिए 80% तक बिना कटौती के अनुमति दी गई है।
राज्य सरकार पर बढ़ा दबाव
केंद्र की ओर से मानकों में ढील दिए जाने के बाद अब राज्य सरकार पर खरीद प्रक्रिया तेज करने का दबाव बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि अगर अगले तीन दिनों में हालात नहीं सुधरे तो वे फिर से रेल रोको आंदोलन शुरू करेंगे। इससे पंजाब में परिवहन और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब गेहूं की खरीद अपने चरम पर है।
पहले भी हो चुका है रेल रोको और झड़प
करीब चार महीने पहले भी किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम कर विरोध जताया था। अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर और लुधियाना में किसानों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। फिरोजपुर में झड़प हुई थी, जबकि जालंधर में कई किसानों को हिरासत में लिया गया था। उस समय किसान बिजली बिल, प्रीपेड मीटर और सरकारी जमीनों के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, जिसने पूरे राज्य में तनाव पैदा कर दिया था।