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High Alert: चंडीगढ़ के स्कूल, हरियाणा CMO और दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की धमकी

May 21, 2026 11:32 AM

हरियाणा। चंडीगढ़ और हरियाणा में उस समय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए, जब एक सनसनीखेज अज्ञात ईमेल ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया। इस धमकी भरे डिजिटल संदेश में एक के बाद एक कई सिलसिलेवार धमाके करने का दावा किया गया है। ईमेल की भाषा और इसमें चुने गए ठिकानों ने खुफिया इकाइयों को तुरंत सबसे बड़े अलर्ट मोड पर ला खड़ा किया है। इसमें एक तरफ जहां ट्राईसिटी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई है, वहीं दूसरी तरफ सीधे तौर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) का नाम लिखकर सरकार को चुनौती दी गई है।

अंबाला-दिल्ली रेल रूट को उड़ाने का अल्टीमेटम, 6 जून तक विशेष पहरा

इस धमकी में सबसे संवेदनशील हिस्सा उत्तर भारत की लाइफलाइन माने जाने वाले अंबाला-दिल्ली रेलवे ट्रैक को लेकर है। ईमेल भेजने वाले ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि 6 जून तक इस व्यस्त रेल कॉरिडोर पर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए तबाही मचाई जाएगी। रोजाना लाखों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने वाले इस ट्रैक की संवेदनशीलता को देखते हुए राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है। ट्रैक की सुरक्षा के लिए पटरियों पर पैदल गश्त बढ़ा दी गई है और हर गुजरती ट्रेन व संदिग्ध वस्तु पर पैनी नजर रखी जा रही है।

स्कूलों में इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू, चप्पे-चप्पे पर चेकिंग

यह ईमेल जैसे ही चंडीगढ़ के बड़े और नामचीन स्कूलों के इनबॉक्स में पहुंचा, वैसे ही शिक्षा विभाग से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मच गया। बिना कोई जोखिम उठाए बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया। बम निरोधक दस्ते (BDS) और डॉग स्क्वायड की गाड़ियों ने तुरंत स्कूलों का रुख किया। लॉन, क्लासरूम, पानी की टंकियों और छतों की बारीकी से जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से पैनिक न होने की अपील की है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा घेरा बेहद सख्त कर दिया गया है।

अफवाह या बड़ी साजिश? डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही साइबर विंग

चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस की साइबर सेल अब इस मेल के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करने में जुट गई है। शुरुआती जांच में इसे किसी शरारती तत्व की हरकत या 'हॉक्स कॉल' के तौर पर भी देखा जा रहा है, लेकिन अतीत की घटनाओं को देखते हुए पुलिस कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती। साइबर एक्सपर्ट्स ईमेल के डिजिटल फुटप्रिंट, वीपीएन (VPN) रूट और आईपी एड्रेस को ट्रेस कर रहे हैं, ताकि यह साफ हो सके कि यह देश के भीतर से भेजा गया है या इसके तार सरहद पार किसी विदेशी सर्वर से जुड़े हैं।

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