- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 05:45
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों के देरी से समाधान होने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जब तक शिकायत का पूरी तरह समाधान न हो और शिकायतकर्ता संतुष्ट न हो, तब तक उसे शिकायत को पेडिंग श्रेणी में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि समाधान शिविरों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए, जिसमें लोगों को शिविरों के आयोजन का दिन और समय की पूरी जानकारी मिल सके, ताकि वे अपनी समस्याएं दर्ज करवा सकें और उनका समाधान करवा सकें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश चंडीगढ़ में समाधान शिविर की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में सभी जिला उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में प्राप्त होने वाली शिकायतों को जिला उपायुक्त अपनी स्पष्ट टिप्पणी के साथ आगे भेजें। बैठक में बताया गया कि जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक पिछले छह महीनों में कुल 17,699 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। समाधान शिविरों में तय समय सीमा में हल की गई शिकायतों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में भी समाधान शिविरों में आने वाली सभी शिकायतों का तय समय सीमा में निपटान सुनिश्चित करें। प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त और उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) कार्यालयों में प्रत्येक सप्ताह सोमवार और वीरवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक अपनी समस्याओं से संबंधित शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।
समाधान शिविरों में लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। यदि समाधान शिविरों में किसी भी स्तर पर अधिकारियों द्वारा लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अंबाला उपायुक्त को कमेटी गठित कर शिकायत समाधान करने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला अंबाला के एक गांव में पानी की निकासी से संबंधित समाधान शिविर में प्राप्त शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त अंबाला को इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस समिति में संबंधित विभाग के एक्सईएन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) तथा मार्केट कमेटी का एक कर्मचारी शामिल किया जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया, बीबी भारती सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।