शाह-सैनी की दिल्ली में बैठक: हरियाणा की सियासत में बड़े बदलाव के संकेत
Mar 22, 2026 10:49 AM
हरियाणा। दिल्ली के सियासी गलियारों में आज उस वक्त सरगर्मियां बढ़ गईं जब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। कहने को तो यह एक शिष्टाचार भेंट हो सकती है, लेकिन इसके पीछे छिपे राजनीतिक निहितार्थ काफी गहरे हैं। राज्यसभा चुनाव के चौंकाने वाले नतीजों के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और सरकार के कामकाज का पूरा फीडबैक दिया है। बैठक में विशेष रूप से विधानसभा के हालिया बजट सत्र के दौरान विपक्षी खेमे की घेराबंदी पर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस की 'क्रॉस वोटिंग' और अंदरूनी कलह पर भाजपा की नजर
हरियाणा कांग्रेस में इस समय जो 'गृहयुद्ध' छिड़ा है, भाजपा उसे बेहद करीब से देख रही है। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राम कृष्ण गुज्जर द्वारा अपनी ही पत्नी और विधायक शैली चौधरी पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाना और फिर इस्तीफे की पेशकश करना, विपक्षी खेमे की कमजोरी को सरेआम कर चुका है। अमित शाह के साथ बैठक में इस बात पर भी मंथन हुआ कि विपक्ष की इस बिखराव वाली स्थिति का आने वाले समय में राजनीतिक लाभ कैसे उठाया जाए। भाजपा अब हरियाणा में अपनी स्थिति को और अधिक आक्रामक बनाने की तैयारी में है।
पंजाब फतेह की तैयारी: पड़ोसी राज्य में भी सक्रिय होंगे सैनी
हैरानी की बात यह है कि इस बैठक का एजेंडा सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं रहा। चर्चा का एक बड़ा हिस्सा पड़ोसी राज्य पंजाब के आगामी चुनावों पर केंद्रित था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पिछले कुछ महीनों से पंजाब के सीमावर्ती इलाकों और जनसभाओं में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। गृह मंत्री शाह ने सैनी को पंजाब में पार्टी का आधार मजबूत करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि भाजपा पंजाब में सैनी के चेहरे को एक 'ओबीसी कार्ड' और 'सक्रिय पड़ोसी मुख्यमंत्री' के तौर पर पेश करना चाहती है, ताकि वहां के चुनावी समीकरण बदले जा सकें।
क्या हरियाणा कैबिनेट में होगा फेरबदल?
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद अब प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक हलकों में मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। राज्यसभा चुनाव में जिस तरह के समीकरण बने, उसके बाद मुख्यमंत्री सैनी अब अपनी टीम को और अधिक मजबूत और एकजुट करना चाहते हैं। शाह से मिले 'मार्गदर्शन' के बाद आने वाले दिनों में हरियाणा सरकार और संगठन में कुछ बड़े चेहरों की भूमिका बदली जा सकती है। फिलहाल, इस बैठक ने साफ कर दिया है कि भाजपा अब रुकने के मूड में नहीं है और उसकी नजर 2026 के बड़े लक्ष्यों पर टिकी है।