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यमुनानगर: 17 साल की किशोरी ने निगला जहर, 48 घंटे के संघर्ष के बाद अस्पताल में तोड़ा दम।

May 07, 2026 1:23 PM

यमुनानगर।  यमुनानगर की रायपुर कॉलोनी में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब उनकी 17 साल की बेटी महक ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगल लिया। मंगलवार की रात सब कुछ आम दिनों की तरह ही था; परिवार ने साथ खाना खाया और महक भी अपने कमरे में सोने चली गई। लेकिन आधी रात के बाद अचानक उसकी चीख-पुकार और उल्टियों ने घर का सन्नाटा तोड़ दिया। आनन-फानन में परिजन उसे पास के क्लीनिक और फिर सिविल अस्पताल लेकर भागे, लेकिन दो दिनों तक चले इलाज के बाद गुरुवार तड़के महक ने दम तोड़ दिया।

"सब कुछ तो ठीक था, फिर ऐसा क्यों किया?"— बेबस पिता के पास नहीं है कोई जवाब

मृतका के पिता फरीद इस वक्त गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है कि महक ने आठवीं तक पढ़ाई की थी और वर्तमान में वह घर पर ही रहती थी। फरीद के मुताबिक, "घर में न कोई झगड़ा था और न ही महक किसी बात को लेकर परेशान दिख रही थी।" परिवार के लिए सबसे बड़ी पहेली यही है कि आखिर महक के पास जहर आया कहां से और उसने उसे खाने की जरूरत क्यों महसूस की। पुलिस भी इस 'नॉर्मल' बैकग्राउंड के पीछे छिपे किसी अनकहे तनाव या दबाव की तलाश में है।

पुलिस की तफ्तीश: पोस्टमार्टम और कॉल डिटेल्स पर टिकी जांच की सुई

सदर थाना पुलिस ने बुधवार रात अस्पताल से मिली सूचना के बाद कागजी कार्रवाई शुरू कर दी थी। जांच अधिकारी रमनदीप सिंह ने बताया कि किशोरी की हालत शुरुआत से ही नाजुक बनी हुई थी। पुलिस अब महक के कमरे की तलाशी लेने के साथ-साथ उसके मोबाइल और सामाजिक संपर्कों की भी जांच कर सकती है, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। पुलिस का कहना है कि शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही जहर के प्रकार और मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।

मातम में डूबी रायपुर कॉलोनी: अंतिम संस्कार के बाद सुबक रहे परिजन

गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब महक का शव रायपुर कॉलोनी पहुंचा, तो वहां माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और कॉलोनी के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस फिलहाल परिजनों के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई कर रही है, लेकिन जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस नाबालिग को मौत के दरवाजे तक किसने और क्यों धकेला।

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