हरियाणा और दिल्ली में बड़े हमले की साजिश नाकाम, ISI का 'भट्टी मॉड्यूल' गिरफ्तार
May 09, 2026 10:20 AM
हरियाणा। देश की राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा को दहलाने की पाकिस्तान की एक और बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने 'गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0' के तहत आईएसआई (ISI) समर्थित 'शहजाद भट्टी मॉड्यूल' के 9 गुर्गों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों से हुई कड़ी पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। पता चला है कि सीमा पार बैठे आकाओं ने इन गुर्गों को हरियाणा के हिसार स्थित सैन्य शिविर और दिल्ली के एक बेहद प्राचीन व ऐतिहासिक मंदिर को निशाना बनाने का टास्क दिया था।
हिसार मिलिट्री कैंप और मंदिर की हुई थी रेकी
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर की न केवल रेकी की, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए वहां के सुरक्षा घेरे और परिसर की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी थीं। साजिश का मकसद मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दहशत फैलाना था। इतना ही नहीं, हरियाणा के हिसार में स्थित सैन्य शिविर (Military Camp) की भी पूरी रेकी की गई थी। आरोपियों ने कैंप के संवेदनशील इलाकों के वीडियो बनाकर सीमा पार साझा किए थे, ताकि बड़े हमले की रूपरेखा तैयार की जा सके।
सोनीपत हाईवे पर ग्रेनेड हमले का था प्लान
आतंकियों की रडार पर सिर्फ सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी थे। दिल्ली-सोनीपत राजमार्ग पर स्थित एक बेहद लोकप्रिय ढाबे, जहां रोजाना हजारों की संख्या में मुसाफिर रुकते हैं, वहां ग्रेनेड हमले की योजना थी। इस हमले का मकसद ज्यादा से ज्यादा जान-माल का नुकसान करना और हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा करना था। जांचकर्ताओं को पता चला है कि इस मॉड्यूल को उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा पुलिस थानों को भी निशाना बनाने का निर्देश मिला था।
रडार पर 'भट्टी मॉड्यूल' के स्लीपर सेल
स्पेशल सेल की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि ISI अब स्थानीय अपराधियों और छोटे गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर 'हाइब्रिड टेररिज्म' को बढ़ावा दे रही है। शहजाद भट्टी मॉड्यूल के ये गुर्गे अलग-अलग राज्यों में फैले हुए थे और तकनीक का इस्तेमाल कर अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे। फिलहाल, पुलिस इन आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और उन स्थानीय संपर्कों की तलाश कर रही है, जिन्होंने रेकी के दौरान इनकी मदद की थी। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।