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Faridabad-Gurugram Toll Free: 12 जून से टोल टैक्स से मिल सकती है मुक्ति, रिलायंस का करार खत्म

May 28, 2026 4:56 PM

हरियाणा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के दो सबसे बड़े औद्योगिक और कमर्शियल हब— फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच दूरी तय करने वाले लाखों वाहन चालकों की जेब पर पड़ने वाला बोझ अब खत्म होने जा रहा है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो आगामी 12 जून से इस पूरे रूट को टोल-फ्री घोषित कर दिया जाएगा। दरअसल, इस सड़क पर टोल वसूलने का जिम्मा संभाल रही रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का सरकारी अनुबंध (करार) अपनी कानूनी मियाद पूरी कर चुका है। इस खबर के बाहर आते ही फरीदाबाद से गुरुग्राम और सोहना के बीच रोजाना मारामारी करने वाले लाखों नौकरीपेशा युवाओं, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

4 जगहों पर बना है टोल का जाल, रिलायंस ने मांगी मोहलत

इस पूरे प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो गुरुग्राम-फरीदाबाद टोल रोड परियोजना के तहत रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने फरीदाबाद से गुरुग्राम और बल्लभगढ़ से सोहना तक के मार्ग का चौड़ीकरण और निर्माण किया था। इसके बदले कंपनी को टोल वसूलने का अधिकार मिला, जिसके लिए इलाके में चार अलग-अलग जगहों पर टोल प्लाजा खड़े किए गए। इनमें गुरुग्राम की सीमा में बंधवाड़ी व नून्हेरा और फरीदाबाद के हिस्से में पाखल व पॉली क्रेशर जोन के पास नाके शामिल हैं। अनुबंध के मुताबिक, टोल वसूली का समय 31 मई 2026 को ही समाप्त हो रहा था, लेकिन कंपनी ने कुछ घाटे और अन्य दलीलें देकर इसे 12 जून तक बढ़वा लिया। अब कंपनी इस समय-सीमा को और आगे बढ़ाने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है।

अफसरों और विधायकों ने भी कहा- अब जनता को बख्शिए

हालांकि, इस बार कंपनी की राह आसान नहीं दिख रही है। हरियाणा के लोक निर्माण विभाग (PWD) के आला अधिकारियों ने कंपनी की अर्जी पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से साफ कह दिया है कि अब इस करार को रत्ती भर भी आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है। दूसरी तरफ, स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दबाव भी चरम पर है। बड़खल विधानसभा क्षेत्र से स्थानीय विधायक धनेश अदलखा ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक कड़ा पत्र भेजा है। विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि निर्धारित समय-सीमा पूरी हो चुकी है, लिहाजा जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस टोल को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।

नौकरीपेशा और रिश्तेदारों का आपस में जुड़ाव, हटने से बचेगा बड़ा पैसा

स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना महज़ तीन शहर नहीं हैं, बल्कि यह एक सघन आबादी वाला ऐसा क्लस्टर है जहां हर दूसरे घर की रिश्तेदारी और रोजगार आपस में जुड़े हैं। फरीदाबाद के हजारों लोग गुरुग्राम के साइबर सिटी में नौकरी करते हैं, जिन्हें हर महीने हजारों रुपये सिर्फ टोल टैक्स के रूप में फूंकने पड़ते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब सड़क निर्माण की लागत और मुनाफा कंपनी कई गुना वसूल चुकी है, तो जनता पर यह अनावश्यक आर्थिक बोझ अब बंद होना ही चाहिए। सरकार के इस कदम से न केवल लोगों का पैसा बचेगा, बल्कि टोल नाकों पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिलेगी।

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