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गुरुग्राम से नोएडा अब सिर्फ 38 मिनट दूर! 15 हजार करोड़ के नमो भारत प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

May 02, 2026 10:10 AM

हरियाणा। दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझने वाले नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ी सौगात का ऐलान किया है। गुरुग्राम से नोएडा जाने में फिलहाल जो 2 घंटे का समय लगता है, वह जल्द ही बीते जमाने की बात हो जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बहुप्रतीक्षित 'नमो भारत' रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को फाइनल क्लीयरेंस दे दी है। करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना गुरुग्राम और फरीदाबाद को सीधे उत्तर प्रदेश के नोएडा से जोड़ेगी, जिससे लाखों लोगों का रोजाना का सफर आसान हो जाएगा।

180 की रफ्तार और हर 5 मिनट में ट्रेन

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्पीड और फ्रीक्वेंसी है। नमो भारत ट्रेनें पटरी पर 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ने के लिए डिजाइन की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों को ट्रेनों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा, क्योंकि हर 5 से 7 मिनट के अंतराल पर स्टेशन पर ट्रेन उपलब्ध होगी। नए कॉरिडोर के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से फरीदाबाद का सफर महज 20 मिनट और नोएडा तक का सफर 38 से 40 मिनट में पूरा होगा। फिलहाल गुरुग्राम और नोएडा के बीच कोई सीधा मेट्रो लिंक न होने के कारण यात्रियों को दिल्ली के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिसमें काफी समय बर्बाद होता है।

एक ही ट्रैक पर चलेगी मेट्रो और RRTS: लागत बचाने का नायाब फॉर्मूला

यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना होने जा रहा है। सरकार ने लागत और जमीन के उचित इस्तेमाल के लिए एक ही ट्रैक पर आरआरटीएस और मेट्रो दोनों सेवाएं चलाने का फैसला लिया है। कुल 64 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा यानी करीब 52 किलोमीटर हरियाणा की सीमा में पड़ेगा। कॉरिडोर पर कुल 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस मेगा प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्य रिपोर्ट (DPR) जल्द से जल्द तैयार की जाए ताकि काम में देरी न हो।

आर्थिक गलियारा बनेगा यह रूट, दिसंबर 2026 से शुरू होगा काम

सिर्फ यात्रा ही नहीं, बल्कि यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम के साइबर सिटी और फरीदाबाद के औद्योगिक बेल्ट को नोएडा के टेक हब से जोड़कर एक बड़ा आर्थिक गलियारा तैयार करेगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों में उछाल आने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार की योजना के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 में शुरू कर दिया जाएगा और साल 2031 तक इसे पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। हरियाणा सरकार का यह कदम एनसीआर के इंफ्रास्ट्रक्चर में मील का पत्थर साबित होगा।

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