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उत्तराखंड में सीएम घोषणाओं पर बड़ा अपडेट: 15 जून तक शासनादेश जारी करने की सीएम धामी की डेडलाइन

May 02, 2026 4:20 PM

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास कार्यों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। शनिवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि जनता से जुड़ी घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को डेडलाइन देते हुए निर्देश दिए कि जिन मुख्यमंत्री घोषणाओं के शासनादेश (GO) अभी तक लटके हुए हैं, उन्हें हर हाल में 15 जून 2026 तक जारी कर दिया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं की बारीकी से समीक्षा की।

धार्मिक पर्यटन को नई धार: विकसित होगा 'देव मंदिर सर्किट'

मुख्यमंत्री ने पौड़ी जिले की आध्यात्मिक विरासत को संजोने के लिए एक बड़ा रोडमैप साझा किया। उन्होंने निर्देश दिए कि देवप्रयाग के ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर, कोट ब्लॉक के लक्ष्मण मंदिर और फलस्वाड़ी स्थित सीता माता मंदिर को मिलाकर एक भव्य 'धार्मिक सर्किट' विकसित किया जाए। इस पहल का उद्देश्य इन पौराणिक स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

बेटियों की शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर फोकस

पहाड़ की बेटियों के लिए शिक्षा की राह आसान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। अब राज्य के प्रत्येक विकासखंड में बालिकाओं के लिए छात्रावास (Hostel) का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग को हर ब्लॉक में सबसे ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों को चिन्हित कर भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पौड़ी में एक आधुनिक मल्टीपरपज हॉल बनाने के भी निर्देश दिए गए।

समस्याओं का 'क्विक रिस्पॉन्स': अफसरों को मिली नसीहत

मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को चेताया कि बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ वनाग्नि और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

PERT चार्ट से निगरानी: घोषणाओं की प्रगति पर नजर रखने के लिए 'प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्निक' (PERT) चार्ट का उपयोग किया जाएगा।

विधायकों की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की जो भी समस्याएं उठा रहे हैं, सचिव स्तर के अधिकारी उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखें।

सौर ऊर्जा और पार्किंग: सरकारी कार्यालयों में सोलर पैनल लगाने और शहरी क्षेत्रों में पार्किंग की किल्लत दूर करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

केंद्रीय विद्यालयों के लिए बनेगा प्रस्ताव

बैठक के दौरान विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वे केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करें ताकि उन्हें बिना किसी तकनीकी अड़चन के दिल्ली भेजा जा सके और जल्द स्वीकृति मिल सके।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और डॉ. धन सिंह रावत सहित संबंधित क्षेत्रों के विधायक और शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख से साफ है कि वे आगामी मानसून सत्र से पहले लंबित परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी में हैं।

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