सोनीपत में 12वीं पास नर्सिंग छात्र बन बैठा सर्जन, सीएम फ्लाइंग ने ऐसे किया भंडाफोड़
May 02, 2026 5:01 PM
सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले से एक ऐसी खबर आई है जो स्वास्थ्य महकमे और आम जनता, दोनों के होश फाख्ता करने वाली है। खरखौदा के सांपला रोड पर नाम तो 'पी.सी. मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल' (पूर्ण चंद मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल) रखा गया था, लेकिन इसके भीतर जो खेल चल रहा था, वह सीधे-सीधे मौत से खिलवाड़ था। शनिवार को जब सीएम फ्लाइंग की टीम ने यहाँ अचानक दबिश दी, तो जो हकीकत सामने आई उसने अधिकारियों को भी सन्न कर दिया।
न डॉक्टर, न डिग्री; सिर्फ 12वीं पास का 'जिगर'
जांच में खुलासा हुआ कि इस आलीशान नाम वाले अस्पताल की बागडोर किसी अनुभवी सर्जन या एमडी डॉक्टर के हाथ में नहीं, बल्कि गांव पाई निवासी अनिल नाम के युवक के हाथ में थी। अनिल की शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उसने महज 12वीं के बाद जीएनएम (नर्सिंग) का कोर्स किया हुआ है। हैरान करने वाली बात यह है कि एक नर्सिंग पास युवक न केवल अस्पताल चला रहा था, बल्कि खुद को 'मल्टी स्पेशलिस्ट' बताकर गंभीर मरीजों का इलाज और कथित तौर पर ऑपरेशन तक कर रहा था।
अंदर का नजारा देख अधिकारियों के उड़े होश
जब सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम अस्पताल के भीतर दाखिल हुई, तो वहां कोई भी योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। अस्पताल के पास न तो संचालन का लाइसेंस था, न फायर एनओसी और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रमाण पत्र। सबसे खौफनाक मंजर तब दिखा जब पता चला कि यहाँ बिना किसी विशेषज्ञ के अवैध तरीके से सर्जरी तक की जा रही थी। छापेमारी के वक्त अस्पताल में एक मरीज भर्ती मिला, जिसकी जान पर बन आई थी। टीम ने बिना वक्त गंवाए एंबुलेंस बुलाकर उसे खरखौदा के सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराया।
छापेमारी टीम में शामिल रहे दिग्गज अधिकारी
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में सीएम फ्लाइंग के एएसआई राजेश, सीआईडी इंचार्ज जितेंद्र और मेडिकल ऑफिसर डॉ. धीरज प्रमुख रूप से शामिल रहे। डॉ. धीरज ने बताया, "यह मामला बेहद गंभीर है। एक नर्सिंग प्रोफेशनल अस्पताल का मालिक बनकर लोगों की जिंदगी से खेल रहा था। मौके पर कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं।"
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी: अब रडार पर 'झोलाछाप' अस्पताल
सोनीपत स्वास्थ्य विभाग ने इस कार्रवाई के बाद कड़े तेवर दिखाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि खरखौदा और आसपास के इलाकों में चल रहे ऐसे अन्य संदिग्ध क्लीनिक और अस्पतालों की सूची तैयार की जा रही है। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले और बिना डिग्री के 'डॉक्टर' बने बैठे लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी अनिल के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अस्पताल को सील करने की तैयारी है।