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हरियाणा में गैस किल्लत खत्म! अब सिर्फ आधार कार्ड दिखाएं और घर ले जाएं 5 किलो का सिलेंडर

Apr 06, 2026 12:24 PM

हरियाणा। हरियाणा के औद्योगिक शहरों में रहने वाले लाखों श्रमिकों और छोटे परिवारों के लिए रसोई गैस की समस्या अब गुजरे जमाने की बात होने वाली है। एलपीजी की किल्लत और बड़े कनेक्शन लेने की जटिल प्रक्रिया के बीच, राज्य में 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडरों (FTL) की पहली बड़ी खेप पहुंच गई है। हरियाणा सरकार और तेल कंपनियों का यह साझा प्रयास उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा, जो अक्सर काम के सिलसिले में एक शहर से दूसरे शहर पलायन करते हैं और जिनके पास स्थायी पते के सबूत (Address Proof) की कमी होती है।

गुरुग्राम से लेकर सिरसा तक: इन शहरों पर विशेष फोकस

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने उन जिलों की सूची तैयार की है जहाँ फ्लोटिंग पॉपुलेशन यानी प्रवासियों की संख्या सबसे अधिक है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और हिसार जैसे शहरों में रहने वाले मजदूरों के लिए 14.2 किलो का सिलेंडर खरीदना न केवल महंगा पड़ता था, बल्कि उसका कनेक्शन लेना भी एक बड़ी चुनौती थी। अब मात्र एक पहचान पत्र दिखाकर ये श्रमिक अपनी रसोई की जरूरतें पूरी कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस पारदर्शी व्यवस्था से अवैध रिफिलिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर भी लगाम लगेगी।

बजट में फिट और इस्तेमाल में हिट: मात्र 600 रुपये में रिफिल

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, एक नया 5 किलो का सिलेंडर गैस समेत करीब 1500 से 1600 रुपये के शुरुआती खर्च पर मिल जाएगा। इसके बाद, जब भी गैस खत्म होगी, उपभोक्ता मात्र 600 रुपये खर्च कर इसे रिफिल करा सकेंगे। यह कीमत उन लोगों के लिए बेहद किफायती है जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं या अकेले रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। इस योजना में किसी भी पारंपरिक गैस कनेक्शन या सिक्योरिटी डिपॉजिट के लंबे चक्कर में पड़ने की आवश्यकता नहीं है।

प्रशासन की सख्त हिदायत: एजेंसियों को बढ़ाने होंगे डिलीवरी पॉइंट

गैस की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सभी गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने काउंटरों पर छोटे सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक रखें। साथ ही, स्थानीय स्तर पर इस योजना का प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है ताकि आम आदमी को इसकी जानकारी मिल सके। विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि 'फ्री ट्रेड एलपीजी' मॉडल न केवल सुविधाजनक है, बल्कि यह सुरक्षा के मानकों पर भी पूरी तरह खरा उतरता है, जिससे घरेलू स्तर पर होने वाले हादसों का खतरा कम होगा।

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