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हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस का वॉकआउट: निंदा प्रस्ताव के विरोध में विपक्ष ने छोड़ा सदन

Apr 27, 2026 12:42 PM

हरियाणा। हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत आज उम्मीद के मुताबिक ही भारी हंगामे के साथ हुई। सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने एकजुट होकर पूरी कार्यवाही के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। सत्र शुरू होने से पहले ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई विधायक दल (CLP) की बैठक में यह तय कर लिया गया था कि सरकार के 'निंदा प्रस्ताव' का सामना करने के बजाय वॉकआउट का रास्ता चुना जाएगा। जैसे ही सरकार ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर कांग्रेस की भूमिका को लेकर निंदा प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की, विपक्षी विधायकों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया और कुछ ही देर में सदन से बाहर चले गए।

ग्रुप-D कर्मियों के लिए बड़ी खबर: प्रमोशन कोटा अब 30 प्रतिशत

विपक्ष के खाली बेंचों के बीच सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाया। सदन में 'हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026' पेश किया गया, जो प्रदेश के हजारों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। इस संशोधित बिल के जरिए ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर पदोन्नति का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार के इस कदम को आगामी चुनावों से पहले कर्मचारी वर्ग को साधने की बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह फैसला कर्मचारियों के करियर ग्राफ को बेहतर बनाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

मुख्यमंत्री का वार: "महिलाओं के हक के खिलाफ है कांग्रेस"

कांग्रेस के वॉकआउट पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन के भीतर कड़ा ऐतराज जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है, लेकिन कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण चर्चा से भागकर अपनी 'महिला विरोधी' मानसिकता को उजागर कर दिया है। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प और नारी शक्ति को सम्मान देने वाले अधिनियम पर चर्चा के दौरान विपक्ष का सदन में न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीति करना जानती है, उसे जनहित और महिला सशक्तिकरण से कोई सरोकार नहीं है।

कैबिनेट मंत्री पंवार की तीखी प्रतिक्रिया और शोक प्रस्ताव

इससे पहले, सदन की कार्यवाही दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने और शोक प्रस्ताव पढ़ने के साथ शुरू हुई। मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए शोक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। हालांकि, जैसे ही राजनीतिक चर्चा शुरू हुई, माहौल तल्ख हो गया। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जब भी देशहित या बड़े सुधारों की बात आती है, कांग्रेस चर्चा करने के बजाय मैदान छोड़कर भाग जाती है। फिलहाल, सदन की कार्यवाही विपक्ष की गैर-मौजूदगी में जारी रही, जिससे आज का सत्र पूरी तरह सत्ता पक्ष के एजेंडे और विपक्ष के विरोध के नाम रहा।

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