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बरनाला बस स्टैंड की बदहाली: भीषण गर्मी में यात्रियों का ‘घुट रहा दम’, पंखों और पीने के पानी को तरसे लोग

Apr 29, 2026 1:27 PM

बरनाला: पंजाब की सड़कों पर आधुनिकता के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार के राज में बरनाला का मुख्य बस स्टैंड इस समय अपनी बदहाली के आँसू रो रहा है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच स्थानीय बस स्टैंड की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि यहाँ यात्रियों के लिए दो पल बैठना भी किसी सजा से कम नहीं है। बुनियादी सुविधाओं के नाम पर यहाँ सिर्फ खोखले वादे और खस्ताहाल ढांचा ही नज़र आता है। नगर सुधार ट्रस्ट के अधीन आने वाले इस बस स्टैंड की दुर्दशा ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर पारा 40 डिग्री को पार कर रहा है, वहीं बस स्टैंड के वेटिंग हॉल में लगे पंखे महज ‘शो-पीस’ बनकर रह गए हैं। 

पीने के साफ और ठंडे पानी की किल्लत इतनी ज्यादा है कि यात्रियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूरी में बस स्टैंड के अंदर से ही महंगे दामों पर पानी की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि जनता को गर्मी में तड़पता छोड़कर ट्रस्ट के अधिकारी और पदाधिकारी अपने दफ्तरों में एसी की ठंडी हवाओं का आनंद ले रहे हैं। बस स्टैंड पर बसों का इंतज़ार कर रहे यात्रियों ने बातचीत के दौरान अपना रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि घंटों बसों की प्रतीक्षा के दौरान पंखे न चलने के कारण स्टैंड की छत के नीचे भी गर्मी का गुबार बना रहता है। हवा न होने के कारण छाँव वाली जगह भी किसी भट्टी की तरह तपती महसूस होती है। पीने के पानी के कूलर या तो खराब पड़े हैं या उनमें पानी की सप्लाई ही नहीं है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद घातक साबित हो रही है।

रोजाना आने वाले यात्रियों ने सरकार को घेरा

हर रोज़ बरनाला से सफर करने वाले यात्री अवतार सिंह, वीरपाल कुमार, संजीव कुमार और गुरबिंदर सिंह ने बताया कि हम हर रोज़ यहाँ से गुजरते हैं, लेकिन हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। सरकारें बदलती है, पर बरनाला बस स्टैंड की किस्मत नहीं बदली। यहाँ न सफाई है, न पानी और न ही पंखे। क्या टैक्स देने वाली जनता इतनी सी सुविधा की भी हकदार नहीं है? उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड के सभी पंखे तुरंत ठीक करवाकर चालू किए जाएं, ठंडे और साफ पानी के लिए वाटर कूलरों का प्रबंध किया जाए और स्टैंड की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।

गंदगी के ढेरों ने बढ़ाई मुश्किलें; बीमारियां फैलने का डर

सिर्फ पानी और पंखों की कमी ही नहीं, बल्कि बस स्टैंड में पसरी गंदगी भी मुसाफिरों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। जगह-जगह फेंका गया कूड़ा-करकट और शौचालयों की बदहाली के कारण बस स्टैंड में भारी बदबू फैली रहती है। यात्रियों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की कमी या प्रबंधकों की लापरवाही के कारण यहाँ पैर रखना भी मुश्किल है। गर्मी के इस मौसम में गंदगी के कारण भयानक बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है, लेकिन संबंधित विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।

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