भिवानी बस हादसा: क्या जिंदा जल गया सीआईडी जवान? पहचान के लिए बेटे का हुआ DNA टेस्ट
Apr 29, 2026 12:51 PM
भिवानी। भिवानी से हांसी के लिए सोमवार रात रवाना हुई निजी बस में लगी आग ने न केवल दो घरों के चिराग बुझा दिए, बल्कि पुलिस के सामने शिनाख्त की एक बड़ी चुनौती भी खड़ी कर दी है। मिलकपुर के पास हुए इस दिल दहला देने वाले हादसे में जो दो शव बरामद हुए हैं, वे इस कदर जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना नामुमकिन हो गया है। लापता लोगों की सूची और हुलिए के आधार पर अंदेशा जताया जा रहा है कि इनमें से एक मृतक गांव बड़सी निवासी सुनील है, जो सीआईडी (गुप्तचर विभाग) में कार्यरत है।
बेटे के डीएनए से सुलझेगी पहचान की गुत्थी
हादसे के 24 घंटे बाद भी जब परिजनों की उम्मीदें धुंधली पड़ने लगीं, तो पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया। मंगलवार को सुनील के बेटे को हिसार बुलाकर उसका डीएनए सैंपल लिया गया है। सुनील बवानीखेड़ा में तैनात है और रोज की तरह ड्यूटी के बाद घर लौट रहा था। सुनील के भाई अनिल ने बताया कि वह अक्सर सरकारी बस से आता था और मिलकपुर में खड़ी अपनी कार से घर जाता था, लेकिन सोमवार शाम 7:28 बजे के बाद से उसका फोन बंद आ रहा है।
आसमानी बिजली या कुछ और?
हादसे के कारणों को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। शुरुआती जांच में कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चलती बस पर आसमानी बिजली गिरी, जिसके बाद अचानक आग लग गई और यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हालांकि, पुलिस इस थ्योरी पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। जांच अधिकारी एएसआई नीर सिंह का कहना है कि हम सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के जरिए आग लगने के असली कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
एक और परिवार की बढ़ी चिंता
सुनील के अलावा एक अन्य परिवार भी अपनों की तलाश में भिवानी अस्पताल के चक्कर काट रहा है। बताया जा रहा है कि हिसार के एक निजी अस्पताल में काम करने वाला एक युवक भी सोमवार रात से गायब है। पुलिस को संदेह है कि बस में मिले दोनों कंकाल इन्हीं दोनों व्यक्तियों के हो सकते हैं। अस्पताल में भर्ती 11 घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।
रहस्य बना हुआ है पूरा मामला
हादसा अचानक हुआ या इसके पीछे कोई तकनीकी खामी थी, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है। सीआईडी जवान के लापता होने की खबर ने पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ा दी है। फिलहाल, सभी की निगाहें डीएनए रिपोर्ट और सीसीटीवी कैमरों की जांच पर टिकी हैं, ताकि इस दर्दनाक हादसे की परतें खुल सकें।