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ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: हरियाणा विधानसभा में आज आएगा प्रमोशन बिल

Apr 27, 2026 11:36 AM

हरियाणा। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा के गलियारों में आज सियासी गहमागहमी अपने चरम पर रहने वाली है। प्रदेश सरकार द्वारा बुलाए गए इस एक दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे शोक प्रस्तावों के साथ होगी, लेकिन इसके तुरंत बाद सदन का माहौल गर्माने की पूरी उम्मीद है। सरकार इस सत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के मुद्दे पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने के लिए एक निंदा प्रस्ताव लाने जा रही है। सत्ता पक्ष का आरोप है कि महिला आरक्षण के इस ऐतिहासिक कानून को लेकर कांग्रेस की भूमिका नकारात्मक रही है। इसके अलावा, हजारों ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर यह है कि उनके प्रमोशन की बाधाओं को दूर करने वाला बिल भी आज ही पेश किया जाएगा।

हुड्डा की रणनीति और कांग्रेस के 'बागी' विधायकों की अग्निपरीक्षा

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मोर्चेबंदी शुरू कर दी है। हुड्डा ने सुबह 9:30 बजे चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक बुलाई है, जिसमें बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरने का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा। इस सत्र में सबसे ज्यादा नजर उन पांच विधायकों पर रहेगी जिन्हें राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस ने सस्पेंड कर रखा है। इनमें शैली चौधरी, रेनू बाला, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं। भले ही ये विधायक पार्टी से निलंबित हैं, लेकिन सदन के भीतर उन्हें कांग्रेस के 'व्हिप' का पालन करना अनिवार्य होगा। अगर इन्होंने लाइन से हटकर वोटिंग या आचरण किया, तो उनकी सदस्यता पर खतरा मंडरा सकता है।

ग्रुप-D कर्मचारियों को मिल सकता है प्रमोशन का तोहफा

विधानसभा के इस छोटे से सत्र में सरकार का एक और बड़ा एजेंडा ग्रुप-D कर्मियों से जुड़ा है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों की मांग को देखते हुए सरकार प्रमोशन पॉलिसी में संशोधन का बिल ला रही है। इस बिल के पारित होने के बाद चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों के लिए उच्च पदों पर जाने के रास्ते खुल जाएंगे, जो आगामी चुनावों के मद्देनजर सरकार का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। हालांकि, विपक्ष इस बिल की बारीकियों और देरी को लेकर सरकार पर हमलावर रहने के मूड में है।

हंगामेदार सत्र की आहट: 'नारी शक्ति' पर भिड़ेंगे पक्ष-विपक्ष

महिला आरक्षण को लेकर लाए जा रहे निंदा प्रस्ताव पर सदन में तीखी बहस होना तय है। भाजपा इसे महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के रूप में पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे केवल चुनावी शिगूफा और ध्यान भटकाने की रणनीति बता रही है। जिस तरह से दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी तैयारी की है, उससे साफ है कि एक दिन का यह सत्र विधायी कामकाज से ज्यादा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का गवाह बनेगा। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है, लेकिन तल्ख होते सियासी तेवरों को देखते हुए शांति की उम्मीद कम ही नजर आती है।

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