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हरियाणा बोर्ड परीक्षा में अब तक 173 नकलची पकड़े गए, 30 कर्मचारी ड्यूटी से हटाए

Mar 08, 2026 12:41 PM

हरियाणा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं के दौरान नकल के कई मामले सामने आए हैं। 25 फरवरी से शुरू हुई इन परीक्षाओं में अब तक 173 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया है। बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर 30 कर्मचारियों को कार्यभार से मुक्त किया गया है ताकि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे।

राज्यभर में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ाई गई है। परीक्षा केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वॉड और निरीक्षण टीमों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत रोका जा सके।

25 फरवरी से शुरू हुई थीं परीक्षाएं

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू की थीं। इसके एक दिन बाद 26 फरवरी से 10वीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू हुईं। अब तक 12वीं कक्षा के 5 पेपर और 10वीं कक्षा के 4 पेपर आयोजित किए जा चुके हैं। इन नौ परीक्षाओं के दौरान अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर नकल के मामले सामने आए।

12वीं में ज्यादा नकल के मामले

बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के दौरान 122 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए हैं। वहीं 10वीं कक्षा की परीक्षाओं में 51 विद्यार्थियों के खिलाफ नकल का मामला दर्ज किया गया।

नकल पकड़े जाने के बाद बोर्ड के नियमों के अनुसार संबंधित परीक्षार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाती है। इससे अन्य विद्यार्थियों के लिए भी कड़ा संदेश जाता है कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी।

1431 केंद्रों पर हो रही हैं बोर्ड परीक्षाएं

इस साल हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1431 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर लगभग 5 लाख 66 हजार 411 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। इनमें 2 लाख 96 हजार 593 लड़के और 2 लाख 69 हजार 818 लड़कियां शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के कारण परीक्षा व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए शिक्षा बोर्ड ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है।

परीक्षा केंद्रों पर बढ़ी सख्ती

नकल की घटनाओं को देखते हुए शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और कड़ी कर दी है। निरीक्षण टीमों को लगातार केंद्रों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बोर्ड का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि मेहनत से पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।

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