Chandigarh News: अवैध हथियार सप्लाई गैंग का भंडाफोड़, 14 पिस्तौल-15 कारतूस के साथ रोपी गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क का खुलासा
Apr 22, 2026 5:32 PM
चंडीगढ़: चंडीगढ़ में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक बड़े इंटरस्टेट नेटवर्क का खुलासा हुआ है। चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने 14 अप्रैल 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस गैंग के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से 14 पिस्तौल और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से हथियार मंगवाकर ट्राईसिटी क्षेत्र में सक्रिय गैंगस्टरों, विशेष रूप से बंबीहा गैंग और लकी पटियाल गैंग से जुड़े लोगों तक सप्लाई करता था।
गुप्त सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन
एसपी गीतांजलि खंडेलवाल के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि मनीमाजरा क्षेत्र के कुछ युवक बाहरी राज्यों से अवैध हथियार मंगवा रहे हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों और एडमिन इंस्पेक्टर जसपाल सिंह की अगुवाई में टीम ने मौली जागरां और हल्लो माजरा रोड के आसपास नाकाबंदी की। इसी दौरान दो संदिग्ध युवक जंगल की ओर जाते दिखाई दिए, जिन्हें रोकने की कोशिश पर वे भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
मुख्य सप्लायरों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ रैली और मोनू उर्फ कांडू के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे सीधे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हथियार सप्लायरों से जुड़े हुए थे। वहीं से पिस्तौल और अन्य हथियार मंगवाकर ट्राईसिटी में गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों तक पहुंचाए जाते थे। पुलिस के अनुसार, राहुल इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था।
नेटवर्क का विस्तार और अन्य गिरफ्तारियां
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने स्थानीय साथियों के बारे में भी जानकारी दी। इसके आधार पर पुलिस ने गोविंद उर्फ गौरव को गिरफ्तार किया, जो बंबीहा गैंग से जुड़ा पाया गया। इसके अलावा मुकेश उर्फ गुल्लू, अमन उर्फ बटक, संजू उर्फ कांचा, गुरदीप सिंह और मोनी उर्फ मोनू जायसवाल को भी गिरफ्तार किया गया।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
मुकेश उर्फ गुल्लू को सेक्टर-25 रैली ग्राउंड के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पुलिस को देखकर तीन राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। एक गोली आरोपी के पैर में लगने के बाद उसे काबू किया गया। उसके पास से 32 बोर पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
मुख्य आरोपी राहुल उर्फ रैली के खिलाफ 2021, 2022, 2024 और 2026 में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। मोनू उर्फ कांडू पर भी 2021 से 2026 तक कई केस दर्ज हैं और वह हाल में ड्रग तस्करी में भी सक्रिय था। गोविंद उर्फ गौरव, मुकेश उर्फ गुल्लू और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी लूट, धमकी, मारपीट और हत्या जैसे गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हैं।
पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी
चंडीगढ़ पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य लिंक की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन को पूरी तरह खत्म करने के लिए अन्य राज्यों में भी जांच बढ़ाई जाएगी। पुलिस का फोकस उन सप्लायरों तक पहुंचना है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से अवैध हथियार भेज रहे थे।