हरियाणा विधानसभा विशेष सत्र: "सरकार को एक्सपोज करेंगे" हुड्डा ने रोहतक में भरी हुंकार
Apr 22, 2026 4:58 PM
हरियाणा। हरियाणा विधानसभा का 27 अप्रैल से शुरू होने वाला विशेष सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। रोहतक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि यह सत्र सरकार की विफलताओं का कच्चा चिट्ठा खोलने का मंच बनेगा। हुड्डा ने दो टूक कहा कि विपक्ष न केवल आक्रामक रुख अपनाएगा, बल्कि जनहित के हर मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेगा। उन्होंने संकेत दिया कि भ्रष्टाचार से लेकर प्रशासनिक अव्यवस्था तक, कांग्रेस सरकार को हर मोर्चे पर घेरेगी।
निंदा प्रस्ताव बनाम लोकतंत्र: सत्ता पक्ष को घेरा
सत्र के दौरान कांग्रेस के खिलाफ संभावित निंदा प्रस्ताव की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने इसे सत्ता का अहंकार करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोई भी कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। हुड्डा ने कहा, "हम हर मंच पर जवाब देने के लिए तैयार हैं, सरकार को अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसे हथकंडे नहीं अपनाने चाहिए।"
महिला आरक्षण और परिसीमन: "सरकार की नीयत में खोट"
महिला आरक्षण के मुद्दे पर हुड्डा ने केंद्र और प्रदेश सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया कि जब 2023 में बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी, तो इसे लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने में तीन साल की देरी क्यों की गई? उन्होंने परिसीमन की शर्त को एक राजनीतिक चाल बताया और कहा कि सरकार वास्तव में महिलाओं को अधिकार देने के बजाय सिर्फ समय काटना चाहती है ताकि चुनावों में इसका फायदा उठाया जा सके।
मंडियों का हाल: "पोर्टल की उलझन में फंसा है किसान"
किसान और गेहूं खरीद के मुद्दे पर हुड्डा ने आंकड़ों के साथ सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के समय 2013 में 87 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि आज सरकार ने लक्ष्य ही घटाकर 72 लाख टन कर दिया है। हुड्डा ने कहा, "पोर्टल और नई व्यवस्थाओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सरकार 48 घंटे में भुगतान का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि 10-10 दिन तक किसान अपने पैसे का इंतजार कर रहा है।" उन्होंने मंडियों में गेहूं के उठान न होने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।
स्थानीय चुनाव: कांग्रेस लड़ेगी सिंबल पर
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आगामी नगर निगम और नगर परिषद चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति का खुलासा कर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस ये चुनाव अपने 'हाथ' के निशान यानी सिंबल पर लड़ेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने का आह्वान किया और दावा किया कि शहरी निकाय चुनावों के नतीजे प्रदेश की बदलती राजनीतिक हवा का प्रमाण देंगे।