Search

पलवल में अतिक्रमण पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': रुड़को सिटी में ग्रीन बेल्ट पर चला बुलडोजर, गेट और गार्ड रूम ध्वस्त

Apr 22, 2026 4:37 PM

पलवल। पलवल के रिहायशी इलाकों में सरकारी जमीन और ग्रीन बेल्ट को अपनी जागीर समझने वाले रसूखदारों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। बुधवार सुबह जिला नगर योजनाकार अनिल मलिक के नेतृत्व में विभाग की टीम सोहना रोड स्थित रुड़को सिटी पहुंची। यहाँ ग्रीन बेल्ट और सड़कों के 'राइट ऑफ वे' (Right of Way) पर जमकर अतिक्रमण किया गया था। कार्रवाई शुरू होते ही बुलडोजर ने ग्रीन बेल्ट पर लगाई गई अवैध ग्रिल, आलीशान गेट और गार्ड रूम को ढहाना शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर तैनात बड़ी संख्या में पुलिस बल ने स्थिति को संभाले रखा।

हाईकोर्ट का हंटर: स्टिल्ट+4 फ्लोर और अवैध कब्जों पर जीरो टॉलरेंस

कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों और डेवलपर्स ने विरोध दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन डीटीपी अनिल मलिक ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि यह सब माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों की तामील में हो रहा है। दरअसल, 'सुनील कुमार बनाम हरियाणा सरकार' मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य में 'स्टिल्ट+4 फ्लोर' पॉलिसी के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा रखी है। साथ ही, सड़कों के किनारों और ग्रीन बेल्ट पर लॉन, लैंडस्केप या बाउंड्री वॉल के रूप में किए गए किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को तुरंत हटाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

चेतावनी के बाद चला पीला पंजा: 24 घंटे की मोहलत हुई थी खत्म

विभाग की ओर से पहले ही अखबारों में सार्वजनिक सूचना और नोटिस चस्पा कर सभी कॉलोनाइजरों, प्लॉट मालिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) को चेतावनी दी गई थी। उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया था कि वे सड़कों के रास्ते में किए गए अतिक्रमण और स्टिल्ट फ्लोर के अवैध उपयोग को खुद ही हटा लें। जब समयावधि खत्म होने के बाद भी सुधार नहीं दिखा, तो विभाग ने जेसीबी मशीनों के साथ धावा बोल दिया। रुड़को सिटी में न केवल दीवारें तोड़ी गईं, बल्कि अवैध रूप से रखे गए जनरेटर, टीन शेड और बोर्ड भी उखाड़ फेंके गए।

अभी तो यह शुरुआत है: 24 और कॉलोनियां रडार पर

प्रशासन की इस मुहिम से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। डीटीपी अनिल मलिक ने साफ किया कि यह कार्रवाई केवल एक-दो दिन की नहीं है। विभाग ने पलवल शहर की करीब 22 और होडल की दो प्रमुख कॉलोनियों और रिहायशी सोसायटियों की सूची तैयार की है, जहाँ नियमों का उल्लंघन कर निर्माण किए गए हैं। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा। विभाग ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे सरकारी जमीन से अपना कब्जा हटा लें, अन्यथा तोड़फोड़ का खर्च भी उल्लंघनकर्ताओं से ही वसूला जाएगा।

You may also like:

Please Login to comment in the post!