Haryana Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 22 जून को बुलाई कैबिनेट बैठक, हो सकते हैं बड़े फैसले
Jun 14, 2026 11:57 AM
हरियाणा। हरियाणा में प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी 22 जून को राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्रिमंडल अनुभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह बैठक सोमवार, 22 जून 2026 को सुबह ठीक 11 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय के मुख्य सभा कक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक को लेकर सचिवालय में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सभी मंत्रियों और शीर्ष नौकरशाहों को बुलावा, बड़े फैसलों पर टिकी नजरें
इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर सरकार बेहद गंभीर है और तमाम कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) समेत सभी संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित तौर पर सूचना भिजवा दी गई है। सचिवालय सूत्रों का कहना है कि बैठक की टेबल पर अलग-अलग विभागों की ओर से तैयार किए गए कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक मसौदे रखे जाएंगे, जिन पर मुख्यमंत्री मंत्रियों के साथ गहन मंथन के बाद अंतिम फैसला लेंगे।
पर्दे के पीछे चल रही बड़ी तैयारी, भर्ती और कृषि क्षेत्र को मिल सकती है सौगात
हालांकि, सरकार ने अभी तक इस बैठक का आधिकारिक और विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन अंदरखाने से छनकर आ रही खबरें बताती हैं कि यह बैठक रूटीन से हटकर हो सकती है। इन दिनों राज्य सरकार विभिन्न सरकारी विभागों में चल रही पुरानी योजनाओं की समीक्षा में जुटी है, ताकि भविष्य का रोडमैप तैयार किया जा सके। सूत्रों की मानें तो इस कैबिनेट बैठक में युवाओं के लिए नई सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को हरी झंडी देने, कृषि क्षेत्र को राहत देने और उद्योगों व इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े भारी-भरकम बजट के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की रणनीति तय होगी।
आम जनता पर सीधा असर डालेंगे फैसले, सचिवालय में सरगर्मी तेज
चूंकि आने वाले महीनों में सरकार कई नई जन-कल्याणकारी नीतियों और घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने की फिराक में है, इसलिए इस बैठक को बेहद खास माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिमंडल की इस बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी, उनका सीधा और सकारात्मक असर हरियाणा की आम जनता की जेब और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा। अब हर वर्ग की नजरें 22 जून को सचिवालय की बंद खिड़कियों के पीछे होने वाले फैसलों और उसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिक गई हैं।