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हरियाणा में जनगणना ड्यूटी से भागे कर्मचारियों की खैर नहीं, जींद-करनाल समेत कई जिलों में नोटिस

May 05, 2026 10:38 AM

हरियाणा। प्रदेश में चल रहे जनगणना के महाभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सरकार और प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जींद, करनाल और पानीपत जैसे जिलों में जनगणना कार्य के दौरान ड्यूटी से गायब रहने वाले 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। सबसे सख्त तेवर जींद में देखने को मिले हैं, जहाँ रिहर्सल के दौरान अनुपस्थित रहे 10 शिक्षकों के स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए उनके खिलाफ 'जनगणना अधिनियम 1948' के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन सभी को 8 मई को दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया गया है।

पानीपत और करनाल में ड्यूटी से बचने की कोशिश पड़ी भारी

जींद के अलावा पानीपत में लगभग 70 ऐसे कर्मचारी चिन्हित किए गए जिन्होंने किसी न किसी बहाने से जनगणना ड्यूटी से बचने की कोशिश की। हालांकि, प्रशासनिक सख्ती और नोटिस के बाद इनमें से अधिकांश कर्मचारी वापस काम पर लौट आए हैं। वहीं, करनाल में करीब 40 शिक्षकों को नोटिस थमाया गया है। करनाल में एक और बड़ी समस्या 'नजरी नक्शे' (Field Map) को लेकर आई है। यहाँ कागजों पर दर्ज नक्शा और मौके की भौगोलिक स्थिति में बड़ा अंतर मिलने के कारण जनगणना का काम समय पर पूरा नहीं हो सका, जबकि इसकी अंतिम समय सीमा सोमवार को समाप्त हो चुकी है।

फतेहाबाद में नई मुसीबत: टीम को 'ठग' समझ रहे लोग, जानकारी देने से इनकार

एक तरफ जहाँ कर्मचारी लापरवाही कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ फील्ड में काम कर रहे स्टाफ को जनता के विरोध और संदेह का सामना करना पड़ रहा है। फतेहाबाद जिले से रिपोर्ट आई है कि जनगणना के लिए घर-घर पहुंच रही टीमों को लोग ठग या जालसाज समझ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है, जहाँ लोग अपनी निजी जानकारी साझा करने से कतरा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि बाहरी जिलों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगने की वजह से पहचान का संकट खड़ा हुआ है, जिससे डेटा कलेक्शन की रफ़्तार काफी धीमी पड़ गई है।

कैथल और हिसार में भी नोटिस की तैयारी, बढ़ सकती है मुश्किल

जनगणना कार्य में ढिलाई को लेकर कैथल में भी उन कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है जो ट्रेनिंग या फील्ड विजिट से नदारद रहे। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी 8 मई तक संतोषजनक जवाब नहीं देंगे, उनके सर्विस रिकॉर्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के साथ-साथ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

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