Honey Mission Haryana: मधुमक्खी पालन पर हरियाणा सरकार की बंपर छूट, बक्से और उपकरणों पर मिलेगी 85% सब्सिडी
May 20, 2026 3:47 PM
हरियाणा। प्रकृति के सबसे छोटे लेकिन सबसे महत्वपूर्ण जीव 'मधुमक्खी' के संरक्षण और इसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हरियाणा सरकार ने अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर पंचकूला में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि विविधीकरण (Crop Diversification) पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मधुमक्खियां केवल शहद बनाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये हमारी खाद्य श्रृंखला और पर्यावरण की असली संरक्षक हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सिर्फ पारंपरिक फसलों के भरोसे न रहकर मधुमक्खी पालन को अपनाएं, क्योंकि इसमें कम लागत और सीमित जमीन के साथ मोटी कमाई की जा सकती है।
"मधुमक्खियां मिटीं तो मानव जीवन पर आएगा संकट"
मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने वेदों और पुराणों का हवाला देकर भारतीय संस्कृति में 'मधु' (शहद) के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने आधुनिक पर्यावरण संकट पर चिंता जताते हुए कहा:
"बढ़ता प्रदूषण, अंधाधुंध कीटनाशकों का प्रयोग और कटते जंगल आज मधुमक्खियों के अस्तित्व के लिए काल बन रहे हैं। हमें यह समझना होगा कि यदि धरती से मधुमक्खियां लुप्त हो गईं, तो फसलों में परागण (Pollination) रुक जाएगा, जिससे पूरी मानव सभ्यता और खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि जीवन बचाने की मुहिम है।"
भावांतर भरपाई से मिला संबल, 30 प्रगतिशील किसानों को ₹1.02 करोड़
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मधुमक्खी पालकों को दी गई आर्थिक संजीवनी रही। मुख्यमंत्री ने 'भावांतर भरपाई योजना' के जरिए 30 बड़े मधुमक्खी पालकों को ₹1 करोड़ 2 लाख की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खातों में भेजी। सरकार ने इस व्यवसाय को जोखिम मुक्त बनाने के लिए इसे 'मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना' से भी जोड़ दिया है, ताकि मौसम या किसी बीमारी के कारण नुकसान होने पर किसानों की पूंजी सुरक्षित रहे।
वर्ष 2021 में लागू की गई राज्य की विशेष मधुमक्खी पालन नीति के परिणामों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि साल 2030 तक प्रदेश में मधुमक्खी पालकों का कुनबा बढ़ाकर 7,750 करने और कुल शहद उत्पादन को 15,500 मीट्रिक टन के पार ले जाने का लक्ष्य है।
'स्वीट रेवोल्यूशन' में चमका हरियाणा, इजरायली तकनीक से मिल रही रफ्तार
मुख्यमंत्री ने भारत के 'स्वीट रेवोल्यूशन' (मीठी क्रांति) का खाका खींचते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नेशनल बी कीपिंग एंड हनी मिशन' की सराहना की। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि करीब 12 साल पहले जहां देश का कुल शहद उत्पादन महज 76 हजार मीट्रिक टन के आसपास सिमटा था, वहीं बेहतर सरकारी नीतियों के चलते भारत ने वर्ष 2024-25 में 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक शहद का रिकॉर्ड निर्यात विदेशों में किया है। इस वैश्विक बाजार में हरियाणा के किसान पीछे न रहें, इसके लिए कुरुक्षेत्र के रामनगर में इजरायली तकनीक से लैस एक अत्याधुनिक 'एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास और शहद व्यापार केंद्र' स्थापित किया गया है, जो किसानों को ट्रेनिंग से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैकेजिंग तक की सुविधाएं मुहैया करा रहा है।