वीआईपी कल्चर छोड़ ट्रेन से दिल्ली निकले हरियाणा के CM नायब सैनी, सादगी की चर्चा तेज
May 22, 2026 12:08 PM
हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को दिल्ली में एक बेहद व्यस्त सियासी और प्रशासनिक शेड्यूल पर हैं। अमूमन मुख्यमंत्रियों का दौरा भारी-भरकम गाड़ियों के काफिले (फ्लीट) या चॉपर के जरिए होता है, लेकिन नायब सैनी ने इस बार लीक से हटकर फैसला लिया। वे गुरुवार शाम को आम मुसाफिरों की तरह ट्रेन में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। चंडीगढ़ और दिल्ली के सियासी हलकों में मुख्यमंत्री की इस सादगी और सीधे अंदाज की जमकर सराहना हो रही है। इसे केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि वीआईपी संस्कृति पर चोट और जनता के बीच सीधा जुड़ाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ईंधन संकट के बीच 'लीड बाई एग्जांपल': काफिले की गाड़ियां पहले ही कर चुके हैं कम
मुख्यमंत्री का यह कदम अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह उनकी प्रशासनिक सुधार की नीति का हिस्सा है। इससे पहले भी नायब सैनी ने अपने सरकारी काफिले में सुरक्षा और सुरक्षाकर्मियों की गाड़ियों की संख्या को सीमित करने का आदेश दिया था ताकि सरकारी तेल और राजस्व की बर्बादी को रोका जा सके। सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री खुद उदाहरण पेश कर (लीड बाई एग्जांपल) पूरी मशीनरी को संदेश देना चाहते हैं। सरकार केवल फाइलों पर बचत की अपील नहीं कर रही, बल्कि सत्ता के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति खुद जमीन पर उस नीति को अमल में ला रहा है।
प्रधानमंत्री की 'ऊर्जा बचाओ' मुहिम को दे रहे हैं धार
सूत्रों की मानें तो मध्य-पूर्व (खाड़ी देशों) में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति में भारी अनिश्चितता बनी हुई है। इसी संकट को भांपते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने की बात कही थी। हरियाणा सरकार अब इसी विजन को आगे बढ़ा रही है। इससे पहले भी सीएम सैनी चंडीगढ़ की सुखना लेक पर साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे चुके हैं। इसी कड़ी में अब ट्रेन का यह सफर सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) को बढ़ावा देने की एक बड़ी कोशिश है।
आम जनता से अपील और सरकारी विभागों के लिए जल्द आएगी नई गाइडलाइन
दिल्ली रवानगी से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर देश का हर नागरिक अपनी दैनिक दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करे, तो हम ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटी दूरियों के लिए साइकिल का इस्तेमाल करें और अनावश्यक रूप से निजी वाहनों को सड़क पर निकालने से बचें। वहीं, हरियाणा सरकार के सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में सभी सरकारी दफ्तरों के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी होने वाली है। इसमें सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल को सीमित करने, ज्यादा से ज्यादा डिजिटल और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें करने और बिजली-ईंधन की बचत करने के कड़े निर्देश शामिल होंगे।