CM Window Haryana: फर्जी रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज, DC के कड़े निर्देश
May 20, 2026 10:35 AM
हरियाणा। हरियाणा में जनता की शिकायतों को ठंडे बस्ते में डालने वाले सरकारी अमले के खिलाफ प्रशासनिक हंटर चलना तय हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तुरंत बाद पंचकुला के उपायुक्त (डीसी) सचिन गुप्ता ने लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों की आपात बैठक ली। डीसी ने सख्त लहजे में हिदायत दी कि मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल (सीएम विंडो) पर आने वाले मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब टेबल दर टेबल फाइलें घुमाने का वक्त चला गया है, सीधे जनता की समस्या का धरातल पर समाधान करना होगा।
शिकायतकर्ता को बिना संतुष्ट किए फाइल बंद की, तो खैर नहीं
समीक्षा बैठक के दौरान सबसे गंभीर मुद्दा शिकायतों को जबरन या फर्जी तरीके से बंद करने का सामने आया। इस पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि यदि किसी विभाग ने शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना या तथ्यों को छुपाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ तत्काल विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। प्रशासनिक अमले को साफ कर दिया गया है कि हर शिकायत की क्लोजिंग रिपोर्ट जेन्युइन होनी चाहिए, न कि केवल कागजी खानापूर्ति।
समय सीमा का पालन अनिवार्य, मुख्यमंत्री खुद रख रहे हैं हर केस पर नजर
डीसी सचिन गुप्ता ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नियमित रूप से कर रहे हैं। ऐसे में विभागों को समय सीमा (टाइमलाइन) का सख्ती से पालन करना होगा। जो भी शिकायतें लंबे समय से पेंडिंग हैं, उन्हें विभागों की रूटीन फाइलों से अलग हटाकर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। तय समय के भीतर अगर जवाब दाखिल नहीं हुआ, तो इसकी जवाबदेही सीधे विभागाध्यक्ष की तय होगी।
जिले का प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड: 15,951 मामलों का हुआ सफल निपटारा
हालांकि, बैठक में जिले की अब तक की परफॉर्मेंस को लेकर सकारात्मक आंकड़े भी सामने आए। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को वीसी के माध्यम से अवगत कराया कि प्रशासन सजगता से काम कर रहा है और अब तक रिकॉर्ड 15 हजार 951 शिकायतों का सफलता पूर्वक निस्तारण कर पीड़ित नागरिकों को राहत पहुंचाई जा चुकी है। बची हुई शिकायतों को भी जल्द से जल्द क्लियर करने के लिए सभी नोडल अधिकारियों को फील्ड में उतरकर काम करने को कहा गया है, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे।