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हरियाणा में जमीन के 'भाव' फिर छुएंगे आसमान: 1 अप्रैल से बढ़ेंगे कलेक्टर रेट, एनसीआर के इन 3 जिलों में मचेगी खलबली

Mar 21, 2026 3:38 PM

हरियाणा। हरियाणा में अपना आशियाना बनाने या निवेश करने का सपना देख रहे लोगों को तगड़ा झटका लग सकता है। प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगाज के साथ ही कलेक्टर रेट में इजाफा करने का मन बना लिया है। दिलचस्प बात यह है कि पिछली बार अगस्त 2025 में ही दरें बढ़ाई गई थीं और अब महज 9 महीने बाद दोबारा बढ़ोतरी की तैयारी है। राजस्व विभाग ने प्रदेश की सभी 143 तहसीलों और सब-तहसीलों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। 1 अप्रैल से प्रभावी होने वाली इन नई दरों से न केवल जमीन की कीमतें बढ़ेंगी, बल्कि रजिस्ट्री के वक्त दी जाने वाली स्टांप ड्यूटी का बोझ भी आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।

गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सबसे ज्यादा 'उछाल' की उम्मीद

राजस्व विभाग के सूत्रों की मानें तो इस बार उन क्षेत्रों को निशाने पर लिया गया है जहाँ पिछले एक साल में संपत्तियों की रजिस्ट्री सबसे ज्यादा हुई है। इस फेहरिस्त में एनसीआर के तीन दिग्गज जिले—गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत सबसे ऊपर हैं। यहाँ के व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों में कलेक्टर रेट में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। विभाग का तर्क है कि जहाँ मार्केट रेट और कलेक्टर रेट के बीच बड़ा अंतर है, वहां राजस्व घाटे को कम करने के लिए दरों को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।

जानकारों ने उठाए सवाल: 'अनियमित बढ़ोतरी से बढ़ेगा भ्रष्टाचार'

सरकार के इस संभावित कदम का विरोध भी शुरू हो गया है। हरियाणा प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि सरकार को कलेक्टर रेट की नीति स्पष्ट करनी चाहिए। बार-बार और अनियमित तरीके से रेट बढ़ाना रियल एस्टेट सेक्टर के लिए शुभ संकेत नहीं है। वहीं, हरियाणा डीड राइटर एसोसिएशन के सदस्य बरखा राम ने सवाल उठाया कि जब अभी पिछले साल ही दरें बढ़ाई गई थीं, तो दोबारा इसकी जरूरत क्यों आन पड़ी? जानकारों का मानना है कि दरें बढ़ने से रजिस्ट्री के काम में सुस्ती आ सकती है और मध्यम वर्ग के लिए जमीन खरीदना और भी मुश्किल हो जाएगा।

राजस्व सचिव का बयान: 1 अप्रैल से लागू होगी नई योजना

हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव हेमा शर्मा ने पुष्टि की है कि सभी तहसीलों से कलेक्टर रेट का ब्योरा मांगा गया है। उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य 1 अप्रैल से नई दरों को सुचारू रूप से लागू करना है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल कितने प्रतिशत की औसत बढ़ोतरी होगी, लेकिन रियल एस्टेट मार्केट में अभी से हलचल तेज हो गई है। लोग 31 मार्च से पहले अपनी रजिस्ट्री निबटाने की जुगत में लग गए हैं ताकि बढ़ी हुई स्टांप ड्यूटी से बचा जा सके।

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