हरियाणा कॉलेज एडमिशन 2026: 7 मई से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन, यहाँ देखें पूरा शेड्यूल
Apr 24, 2026 5:38 PM
हरियाणा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई की 12वीं की परीक्षाएं संपन्न होने के बाद अब छात्रों के सामने करियर की अगली सीढ़ी चढ़ने की चुनौती है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लगाते हुए विस्तृत शेड्यूल सार्वजनिक कर दिया है। सिरसा सहित पूरे प्रदेश के कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं के लिए मारामारी रहने वाली है। इस बार विभाग ने आवेदन से लेकर काउंसलिंग तक की प्रक्रिया को काफी सुव्यवस्थित और समयबद्ध रखा है।
कैलेंडर पर कर लें मार्क: ये तारीखें हैं सबसे अहम
दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और 'सरल पोर्टल' या विभाग की समर्पित वेबसाइट के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
ऑनलाइन आवेदन: 7 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेंगे।
दस्तावेजों की जांच: ऑनलाइन जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन 9 मई से 6 जून के बीच होगा।
मेरिट का रोमांच: 11 जून को पहली और 17 जून को दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।
फीस जमा: पहली लिस्ट के बाद 12-15 जून और दूसरी लिस्ट के बाद 18-22 जून तक फीस भरने का समय दिया जाएगा।
तीसरी काउंसलिंग और ओपन पोर्टल: 24 जून को तीसरी काउंसलिंग होगी और खाली सीटों के लिए 25 जून से पोर्टल फिर से खोला जाएगा।
सिरसा के कॉलेजों में सीटों का गणित
सिरसा के राजकीय नेशनल कॉलेज और राजकीय महिला कॉलेज में कुल 2970 सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी। जिले में अपनी साख बना चुके नेशनल कॉलेज में 7 यूजी कोर्स चल रहे हैं, जहां कुल 1960 सीटें हैं। यहाँ सबसे ज्यादा क्रेज कला संकाय (B.A.) को लेकर देखा जाता है, जिसकी 1120 सीटें उपलब्ध हैं। इसी तरह राजकीय महिला कॉलेज में 6 कोर्स के लिए 1010 सीटें हैं, जिनमें से अकेले बीए की 510 सीटें मौजूद हैं।
हेल्प डेस्क बनेंगे छात्रों के मार्गदर्शक
कॉलेजों में एडमिशन के दौरान अक्सर छात्र स्ट्रीम चुनने या दस्तावेजों को लेकर असमंजस में रहते हैं। इस बार प्रशासन ने कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष 'हेल्प डेस्क' स्थापित करें। नेशनल कॉलेज के प्राचार्य के अनुसार, इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया जा रहा है जो छात्रों के तकनीकी और अकादमिक सवालों का समाधान करेंगी।
गौरतलब है कि नेशनल कॉलेज की लोकप्रियता पिछले कुछ सालों में इतनी बढ़ी है कि यहाँ केवल सिरसा ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों और यहाँ तक कि राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से भी छात्र आवेदन करते हैं। यही कारण है कि यहाँ की कट-ऑफ काफी ऊंची जाने की उम्मीद जताई जा रही है।