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हरियाणा कांग्रेस का विधानसभा तक प्रदर्शन मार्च, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

Feb 24, 2026 3:59 PM

चंडीगढ़: कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने मंगलवार को कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और कथित घोटालों को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। कुछ विधायक सरकार को ‘‘नींद से जगाने’’ के प्रतीक के तौर पर ‘झुनझुने’ (खिलौना) भी लेकर पहुंचे।

मार्च में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की। रविवार को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने जानकारी दी थी कि हरियाणा सरकार के खातों से जुड़े प्रकरण में उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने भले ही इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कराने की बात कही हो, लेकिन कांग्रेस निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच चाहती है।

हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार के वित्त विभाग ने अब अपने विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों को बैंक खातों और सावधि जमा की आंतरिक जांच के निर्देश दिए हैं, जबकि यह कथित धोखाधड़ी पहले ही पकड़ में आ जानी चाहिए थी। हुड्डा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हुड्डा ने कहा, ‘‘कांग्रेस राज्य के ज्वलंत मुद्दों को उठाने और सरकार को उसकी नींद से जगाने के लिए सड़कों पर उतरी है। 

कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, नशे की समस्या, बेरोजगारी, बाहरी अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियां मिलना, धान घोटाला, किसानों की समस्याएं, वृद्धावस्था पेंशन में कटौती जैसे कई मुद्दे हैं।’’ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक एक गोलचक्कर के पास एकत्र हुए और वहां से लगभग एक किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विधानसभा के द्वार तक पहुंचे। वहां वे कुछ मिनटों तक धरने पर बैठे रहे। हुड्डा ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी 11 वर्षों से सत्ता में है, फिर भी हर समस्या के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान हरियाणा प्रति व्यक्ति आय और प्रति व्यक्ति निवेश के मामले में शीर्ष पर था, लेकिन वर्तमान सरकार में राज्य कई क्षेत्रों में पीछे चला गया है।

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