हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, इन फसलों की खेती करने पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
Mar 10, 2026 11:37 AM
चंडीगढ़/रेवाड़ी। हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल विविधीकरण कार्यक्रम के तहत किसानों से ढैंचा, दलहन फसलें और ग्वार की खेती अपनाने की अपील की है।
इस योजना के तहत ढैंचा, ग्रीष्म मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन और ग्वार जैसी फसलें उगाने वाले किसानों को 1,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ढैंचा, दलहन और ग्वार जैसी फसलें जमीन की उर्वरता बढ़ाने में मदद करती हैं। इन फसलों से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।
ढैंचा को हरी खाद फसल के रूप में भी जाना जाता है। इसे खेत में पलटने से मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और अगली फसल की पैदावार में भी सुधार देखने को मिलता है।
15 अप्रैल तक करना होगा पंजीकरण
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण प्रक्रिया मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हो चुकी है और 15 अप्रैल तक चलेगी।
इसके बाद 16 अप्रैल से 15 मई के बीच कृषि विभाग के अधिकारी खेतों का भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाएगा।
खेती की फोटो पोर्टल पर करनी होगी अपलोड
रेवाड़ी के कृषि विकास अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने बताया कि किसान ढैंचा, दलहन या ग्वार की बुवाई करने के बाद इसकी फोटो ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके आधार पर विभाग सत्यापन करेगा और योग्य किसानों को प्रति एकड़ 1,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल विविधीकरण कार्यक्रम में भाग लें और मिट्टी की सेहत सुधारने के साथ अपनी पैदावार बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाएं। किसान अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि विकास अधिकारी, खंड कृषि अधिकारी या कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।0