सावधान! हरियाणा में रील के नाम पर हथियारों का प्रदर्शन पड़ेगा महंगा, DGP अजय सिंघल की सीधी चेतावनी
Apr 11, 2026 5:26 PM
हरियाणा। हरियाणा पुलिस की साइबर सेल ने इस साल की शुरुआत से ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर पैनी नजर रखी हुई है। 1 जनवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच के आंकड़े गवाह हैं कि खाकी ने डिजिटल दुनिया की 'सफाई' में कितनी गंभीरता दिखाई है। पुलिस ने कुल 6,083 आपत्तिजनक यूआरएल को न केवल चिन्हित किया, बल्कि उन्हें प्लेटफार्म्स से हटवाया भी।
हथियारों का प्रदर्शन और 'नकली' हरियाणवी टशन अब पड़ेगा महंगा
DGP अजय सिंघल ने साफ तौर पर कहा कि हथियारों को खिलौनों की तरह दिखाकर हिंसा को बढ़ावा देने वाले लोग पुलिस की रडार पर हैं। इसके अलावा, हरियाणा और हरियाणवी समाज की एक गलत और नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने वाले फर्जी कंटेंट को लेकर भी विभाग गंभीर है। उन्होंने कहा, "महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले या बच्चों और लड़कियों का अभद्र चित्रण करने वाले कंटेंट के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।"
रडार पर 'भ्रामक' जानकारी फैलाने वाले तत्व
सोशल मीडिया पर अक्सर भ्रामक और फर्जी खबरें फैलाकर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की जाती है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि साइबर टीमें 24 घंटे मॉनिटरिंग कर रही हैं। चाहे वह टेलीग्राम हो या स्नैपचैट, पुलिस की पहुंच हर उस प्लेटफार्म तक है जहां से अशांति फैलने का डर है।
युवाओं से अपील: 'लाइक' और 'व्यूज' के चक्कर में न बनें अपराधी
पुलिस प्रशासन ने प्रदेश के युवाओं को भी संदेश दिया है कि वे चंद 'लाइक्स' और 'व्यूज' के चक्कर में हथियारों के साथ रील न बनाएं और न ही किसी अशोभनीय गतिविधि का हिस्सा बनें। पुलिस का मानना है कि डिजिटल मर्यादा का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जो लोग इस मर्यादा को लांघेंगे, उन्हें पुलिस के 'डिजिटल हंटर' का सामना करना पड़ेगा।