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Haryana Job Update: हरियाणा के युवाओं को मिलेगी राहत, नए उद्योगों से पैदा होंगे 5000 से ज्यादा रोजगार

Jun 10, 2026 11:40 AM

हरियाणा। हरियाणा में औद्योगिक विकास को गति देने के सरकारी दावों को अब जमीनी धरातल पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय और उद्योग विभाग ने महज एक सप्ताह पहले गुरुग्राम में हुए 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों को फाइलों से निकालकर जमीन पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। लालफीताशाही को दरकिनार करते हुए सरकार ने निवेशकों को बुनियादी ढांचा और जमीन उपलब्ध कराने के काम में तेजी ला दी है, ताकि परियोजनाओं को बिना किसी देरी के शुरू किया जा सके।

इन चार औद्योगिक हबों में सजेगी फैक्ट्रियां

पंचकूला में आयोजित सशक्त कार्यकारी समिति (ईईसी) की उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों—सोहना, बावल, बरही और धारूहेड़ा में सात दिग्गज कंपनियों को भूखंड आवंटित करने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी गई। इन कंपनियों के जरिए प्रदेश के औद्योगिक कोरिडोर में लगभग 1,316 करोड़ रुपये की पूंजी लगाई जाएगी। इस निवेश का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार को होगा, जहां करीब 5,000 से ज्यादा युवाओं के लिए नौकरियों के नए दरवाजे खुलेंगे।

सोहना में लगेगा ट्रोनटेक का बड़ा प्लांट

इस पूरे आवंटन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी ट्रोनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की है। कंपनी को सोहना के औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 13 एकड़ प्राइम लोकेशन की जमीन आवंटित की गई है, जहां कंपनी 790 करोड़ रुपये की लागत से अपना इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी। इसके अलावा गारमेंट्स सेक्टर की जानी-मानी कंपनी ओरिएंट फैशन एक्सपोर्ट्स को 3 एकड़ जमीन अलॉट की गई है, जो यहां 51.50 करोड़ रुपये का निवेश कर टेक्सटाइल यूनिट खड़ी करेगी।

विदेशी कंपनियों की पसंद बना बावल

ऑटो और लॉजिस्टिक हब के रूप में मशहूर बावल औद्योगिक क्षेत्र में दो बड़ी विदेशी निवेश वाली कंपनियों को पैर जमाने की अनुमति मिल गई है। इसमें बोलहॉफ फास्टनिंग प्राइवेट लिमिटेड 116 करोड़ रुपये और मैककोर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 45 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करेंगी। वहीं दूसरी तरफ, बरही और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में पारस पॉलिमर्स, रिचाको एक्सपोर्ट्स और एक अन्य प्रमुख औद्योगिक इकाई को भी अपनी फैक्ट्रियां लगाने के लिए हरी झंडी मिल चुकी है।

पारदर्शी नीतियों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि हरियाणा अब उद्योगों के लिए सबसे पसंदीदा राज्य बनता जा रहा है। सरकार ने जमीन आवंटन की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन कर दिया है, जिससे निवेशकों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। इस महत्वपूर्ण बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त डॉ. अमित अग्रवाल और सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव समेत कई वरिष्ठ नौकरशाह मौजूद रहे, जिन्होंने नीतिगत बाधाओं को दूर कर ऑन-स्पॉट क्लीयरेंस दी।

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