हरियाणा के सरकारी स्कूलों में AI की एंट्री: अब स्मार्ट बुक्स से होगी 9वीं से 12वीं की पढ़ाई
Mar 21, 2026 1:31 PM
हरियाणा। हरियाणा की स्कूली शिक्षा अब ब्लैकबोर्ड और चॉक के पारंपरिक दायरे से बाहर निकलकर डिजिटल युग में कदम रख रही है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षकों की कमी जैसी चुनौतियों का काट निकालते हुए 'स्मार्ट पाठ्य पुस्तकों' (Smart Books) का मास्टर कार्ड खेला है। शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को ऐसी किताबें दी जाएंगी जो न केवल बोलेंगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से कठिन सवालों को आसान भी बनाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का विजन है कि गांव का बच्चा भी आधुनिक तकनीक के मामले में कॉन्वेंट स्कूलों के मुकाबले पीछे न रहे।
भिवानी बोर्ड ने कसी कमर: अंग्रेजी, विज्ञान और गणित से हुई शुरुआत
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण के लिए गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे पेचीदा विषयों की स्मार्ट पुस्तकें प्रकाशित कर दी हैं। इन पुस्तकों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये इंटरनेट से जुड़ी होंगी, जिससे छात्र कठिन टॉपिक्स पर वीडियो ट्यूटोरियल और अतिरिक्त डिजिटल सामग्री को तुरंत एक्सेस कर सकेंगे। ये पुस्तकें हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों के छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का मानना है कि यदि 9वीं से 12वीं तक का यह प्रयोग सफल रहा, तो जल्द ही छोटी कक्षाओं के पाठ्यक्रम को भी इसी 'स्मार्ट' सांचे में ढाला जाएगा।
नकली किताबों के खेल पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'
बाजार में मिलने वाली महंगी और अक्सर घटिया क्वालिटी की नकली किताबों से अभिभावकों को निजात दिलाने के लिए सरकार ने एक ठोस वितरण प्रणाली तैयार की है। प्रदेश के सभी 23 जिलों में कुल 40 अधिकृत केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ से ये स्मार्ट बुक्स खरीदी जा सकेंगी। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के अनुसार, स्मार्ट पुस्तकों का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना है। इससे उन स्कूलों में भी पढ़ाई सुचारू रहेगी जहाँ किसी कारणवश शिक्षकों की कमी है, क्योंकि ये पुस्तकें खुद एक 'गाइड' की तरह छात्र का मार्गदर्शन करेंगी।
आधुनिक तकनीक से सजेगा छात्र का करियर
शिक्षाविदों का मानना है कि एआई-फ्रेंडली किताबों से छात्रों की तार्किक क्षमता बढ़ेगी। डिजिटल सामग्री के जुड़ाव से पढ़ाई अब बोझ नहीं बल्कि एक 'इंटरैक्टिव' अनुभव बन जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दावा किया है कि इस पहल से हरियाणा के सरकारी स्कूलों का रिजल्ट न केवल सुधरेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी यहाँ के छात्र अपना परचम लहराएंगे। यह कदम हरियाणा को देश का 'एजुकेशन हब' बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी मोड़ साबित हो सकता है।