हरियाणा में शादी वाले घरों की मौज: सरकार देगी स्पेशल कोटे से गैस सिलेंडर, जानें कैसे करें अप्लाई
Mar 20, 2026 11:46 AM
हरियाणा। प्रदेश में शादियों की शहनाइयां बजने के साथ ही हलवाइयों के कड़ाहों के लिए गैस सिलेंडरों की मारामारी भी शुरू हो गई है। आम जनता की इस बड़ी परेशानी को भांपते हुए हरियाणा सरकार ने एक बेहद मानवीय और राहत भरा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत, जिन घरों में शादी का आयोजन है, उन्हें अब गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खासकर उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके घर में बेटी की शादी है, ताकि ऐन मौके पर सिलेंडर खत्म होने जैसी स्थिति पैदा न हो।
डीसी की निगरानी में होगा वितरण: सिस्टम हुआ तैयार
अभी तक गैस की अतिरिक्त सप्लाई का लाभ केवल अस्पताल या आपातकालीन सेवाओं जैसे क्षेत्रों को ही मिलता था, लेकिन अब सामाजिक सरोकारों को देखते हुए सरकार ने आम आदमी के लिए खिड़की खोल दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद हर जिले में उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता में एक विशेष निगरानी कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी जिले के स्टॉक पर पैनी नजर रखेगी और यह तय करेगी कि शादी वाले परिवारों को उनकी जरूरत के हिसाब से कमर्शियल या घरेलू एलपीजी सिलेंडर समय पर मिल सकें।
कैसे मिलेगा लाभ? जानें आवेदन की शर्तें
सरकार की मंशा साफ है कि राहत असली जरूरतमंद तक पहुंचे, इसलिए इस योजना के साथ कुछ अनिवार्य शर्तें भी जोड़ी गई हैं। लाभ लेने के इच्छुक परिवार को आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे:
शादी का निमंत्रण पत्र (Wedding Card)
क्षेत्र के पटवारी या सरपंच द्वारा हस्ताक्षरित सत्यापन (Verification)
आधार कार्ड व पहचान पत्र
इन दस्तावेजों के आधार पर प्रशासन त्वरित जांच करेगा और फिर संबंधित गैस एजेंसी को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर जारी करने के निर्देश दिए जाएंगे। इससे कालाबाजारी पर भी लगाम लगेगी और लोगों को ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने से मुक्ति मिलेगी।
रिश्तेदारों से सिलेंडर मांगने के दिन लदे
अक्सर देखा जाता है कि घर में शादी होने पर लोग अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से उनके कोटे के सिलेंडर उधार मांगते फिरते हैं। सरकार की इस पहल से न केवल यह सामाजिक झंझट खत्म होगा, बल्कि मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ने वाला मानसिक दबाव भी कम होगा। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, "शादी एक पवित्र और बड़ा आयोजन है, इसमें ईंधन की कमी के कारण कोई विघ्न न आए, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।