हरियाणा के गांवों में खुलेंगी 350 अटल डिजिटल लाइब्रेरियां, UPSC और HPSC की तैयारी होगी आसान
Jun 09, 2026 10:44 AM
हरियाणा के ग्रामीण इलाकों से अब देश की प्रशासनिक और तकनीकी सेवाओं में नया टैलेंट निकलकर सामने आएगा। शहरों की महंगी कोचिंग और आधुनिक लाइब्रेरी के खर्च के आगे घुटने टेकने वाले ग्रामीण युवाओं की राह अब आसान होने जा रही है। हरियाणा सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए प्रदेश के गांवों में 350 नई अटल प्रोफेशनल कम्युनिटी लाइब्रेरियों की शुरुआत करने का खाका तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सीधा मकसद ग्रामीण अंचल के युवाओं को उनके घर के दरवाजे पर ही दिल्ली और चंडीगढ़ जैसा आधुनिक, शांत और डिजिटल अध्ययन माहौल उपलब्ध कराना है।
केवल किताबों की अलमारी नहीं, डिजिटल हब होंगी ये लाइब्रेरियां
सरकार जिन अटल लाइब्रेरियों को धरातल पर उतारने जा रही है, वे सिर्फ पुरानी और पारंपरिक किताबों को सहेजने वाले कमरे नहीं होंगे। इन्हें बकायदा एक हाईटेक डिजिटल सेंटर के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। कड़ाके की ठंड और झुलसाने वाली गर्मियों में भी छात्र बिना किसी व्यवधान के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रख सकें, इसके लिए पूरे परिसर को एयर-कंडीशंड (AC) किया जाएगा। इसके अलावा, ऑनलाइन क्लासेस, मॉक टेस्ट और डिजिटल रिसर्च के लिए इन केंद्रों में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब और चौबीसों घंटे चालू रहने वाला हाई-स्पीड वाई-फाई (Wi-Fi) नेटवर्क भी लगाया जाएगा।
बड़े कॉम्पिटिशन की तैयारी अब चौपाल के पास
इन केंद्रों पर सिविल सर्विसेज से लेकर वन-डे एग्जाम्स तक का पूरा स्टडी मटेरियल एक ही छत के नीचे मौजूद रहेगा।
शिक्षा विभाग के सूत्रों और योजना की रूपरेखा के अनुसार:
"इन कम्युनिटी लाइब्रेरियों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC), बैंकिंग, रेलवे, एसएससी (SSC) और सेना भर्ती जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए देश के बेहतरीन प्रकाशकों की किताबें और डिजिटल कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्रामीण युवाओं को अब सिर्फ एक अदद किताब या मॉक टेस्ट सीरीज के लिए जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे।"
बेटियों की सुरक्षा और आर्थिक तंगी का सटीक समाधान
इस योजना का सबसे बड़ा और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर देखने को मिलेगा। अमूमन देखा गया है कि सुरक्षा और परिवहन के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण गांवों की कई प्रतिभाशाली बेटियां चाहकर भी शहरों की लाइब्रेरी ज्वाइन नहीं कर पाती थीं। अब गांव के भीतर ही सुरक्षित और अनुशासित माहौल मिलने से उनके सपनों को नई उड़ान मिलेगी। इसके साथ ही, शहरों में जाकर रहने, पीजी (PG) का किराया और महंगे स्टडी रूम का खर्च उठाने में असमर्थ माता-पिता पर से भी वित्तीय बोझ पूरी तरह खत्म हो जाएगा। सरकार की यह पहल हरियाणा के गांवों में एक नया 'एजुकेशनल एनवायरनमेंट' (शैक्षणिक माहौल) तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।