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Shram Mitra App: हरियाणा के मजदूरों को बड़ी सौगात, अब लेबर चौक पर खड़े होने की जरूरत नहीं

May 21, 2026 1:36 PM

हरियाणा। हरियाणा के श्रम विभाग ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी कदम उठाया है। सूबे के श्रम मंत्री अनिल विज ने चंडीगढ़ में ‘श्रममित्र’ नामक एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन की शुरुआत की है। इस ऐप का सीधा मकसद लेबर चौकों पर काम की उम्मीद में सुबह से ही खड़े होने वाले हजारों कामगारों को सीधे ठेकेदारों और आम उपभोक्ताओं से जोड़ना है। सरकार की इस पहल से जहां एक तरफ बिचौलियों का खेल खत्म होगा, वहीं दूसरी तरफ पारदर्शी तरीके से सीधे संवाद की राह आसान होगी।

राजमिस्त्री से लेकर कारपेंटर तक, ऐप पर दर्ज होगा सबका हुनर

श्रम मंत्री ने बताया कि अक्सर भाषा की वजह से मजदूरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने में हिचक होती है, इसीलिए इस ऐप को हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी जैसी तीन क्षेत्रीय भाषाओं में डिजाइन किया गया है। ऐप के भीतर राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, बढ़ई (कारपेंटर), माली, पेंटर और वेल्डर जैसी विधाओं के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं। श्रमिक अपनी कुशलता, पुराने अनुभव और काम की विशेषता के आधार पर अपनी प्रोफाइल खुद तैयार कर सकेंगे। वहीं, जिन लोगों को अपने घरों या प्रोजेक्ट्स के लिए वर्कर की जरूरत है, वे भी अपनी डिमांड इस ऐप पर पोस्ट कर पाएंगे।

घर बैठे तय होगी मजदूरी, इलाके के हिसाब से मिलेगा काम

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसका इन-बिल्ट कम्युनिकेशन सिस्टम है। श्रममित्र ऐप के जरिए श्रमिक और नियोक्ता सीधे फोन पर या चैट के माध्यम से जुड़ सकेंगे। काम की कुल अवधि, मजदूरी की राशि, काम का प्रकार और अन्य जरूरी नियम-शर्तें दोनों पक्ष आपस में ही बैठकर तय कर लेंगे, जिससे बाद में होने वाले विवादों की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। मजदूर अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन पर यह भी देख सकेंगे कि उनके घर के आसपास या उनके पसंदीदा इलाके में किस तरह का काम उपलब्ध है, जिससे उनका आने-जाने का किराया और समय दोनों बचेंगे।

ग्राउंड पर उतरीं श्रम विभाग की टीमें, चौकों पर जाकर डाउनलोड करा रहे ऐप

इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती चरण में ही प्रदेश के 75 हजार से ज्यादा श्रमिकों ने इस पर अपना डेटा सफलतापूर्वक अपलोड कर दिया है। योजना को पूरी तरह धरातल पर उतारने के लिए श्रम मंत्री अनिल विज ने विभाग के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को विशेष निर्देश दिए हैं। अब लेबर विभाग के कर्मचारी खुद सुबह के समय विभिन्न शहरों के लेबर चौकों पर जा रहे हैं और वहां मौजूद मजदूरों के फोन में 'श्रममित्र' ऐप इंस्टॉल करवाकर उन्हें इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना सिखा रहे हैं ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इस व्यवस्था का लाभ पहुंचे।

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