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हरियाणा के छात्रों की फिर होगी मौज! सरकारी स्कूलों में दोबारा बंटेंगे टैबलेट, साथ में सिम और डेटा फ्री

Apr 30, 2026 1:24 PM

हरियाणा। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई टैबलेट योजना, जो पिछले सत्र में लगभग ठंडी पड़ गई थी, अब फिर से रफ्तार पकड़ने वाली है। शिक्षा विभाग ने करीब 700 करोड़ रुपये के बजट से खरीदे गए उन 5 लाख टैबलेट्स को फिर से सक्रिय करने की विस्तृत योजना तैयार की है, जो फिलहाल धूल फांक रहे थे। मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई इस नई कार्ययोजना के तहत, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रों को न केवल टैबलेट मिलेंगे, बल्कि उनके साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी का पूरा इंतजाम भी सरकार करेगी।

सिम कार्ड और डेटा का टेंडर होगा जारी

नई व्यवस्था के तहत शिक्षा विभाग अब टेलीकॉम कंपनियों से टेंडर मांगेगा, ताकि छात्रों को टैबलेट के साथ ही एक्टिवेटेड सिम कार्ड मुहैया कराए जा सकें। योजना के मुताबिक, प्रत्येक छात्र को पढ़ाई के लिए हर महीने 1 GB डेटा मुफ्त दिया जाएगा। इसके साथ ही, विभाग ने उन टैबलेट्स की मरम्मत के लिए भी अलग से कंपनी चुनने का फैसला लिया है जो तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़े थे। विभाग का स्पष्ट नियम है कि स्कूल छोड़ने, फेल होने या बोर्ड परीक्षा पूरी होने के बाद छात्र को यह टैबलेट स्कूल में जमा कराना होगा, ताकि अगले बैच के छात्र इसका लाभ उठा सकें।

सुरक्षा सॉफ्टवेयर से लगेगी 'अश्लीलता' और गेमिंग पर लगाम

अक्सर शिकायतें मिलती थीं कि छात्र टैबलेट का इस्तेमाल पढ़ाई के बजाय गेम खेलने या सोशल मीडिया चलाने के लिए कर रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार इस बार टैबलेट में एक नया 'सुरक्षा सॉफ्टवेयर' (MDM) अपडेट करने जा रही है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए छात्र केवल अपने पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री ही एक्सेस कर पाएंगे। पाठ्यक्रम को नए सिरे से अपलोड किया जाएगा, ताकि छात्रों को किताबों के बोझ से राहत मिले और वे विजुअल लर्निंग के जरिए जटिल विषयों को आसानी से समझ सकें।

HCS अधिकारियों की रिपोर्ट ने बदली तस्वीर

इस योजना को दोबारा शुरू करने का फैसला हवा में नहीं लिया गया है। हाल ही में सरकार के निर्देश पर 8 एचसीएस (HCS) अधिकारियों ने राज्य के विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों का दौरा किया था। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल डिजिटल सुविधाओं की समीक्षा की, बल्कि शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से सीधा संवाद कर उनके सुझाव भी लिए। सर्वे रिपोर्ट में यह बात निकलकर आई कि यदि टैबलेट का सही मॉनिटरिंग के साथ उपयोग हो, तो सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम में बड़ा सुधार आ सकता है। इसी जमीनी फीडबैक के आधार पर अब शिक्षा विभाग ई-अधिगम योजना को और अधिक प्रभावी बनाने में जुट गया है।

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