Search

सोनीपत चुनाव का 'गजब' प्रत्याशी: रोड रोलर निशान मिला तो असली रोड रोलर ही किराए पर ले लिया

Apr 30, 2026 4:54 PM

सोनीपत। हरियाणा की सियासत में जब निकाय चुनावों का बिगुल बजता है, तो बड़े-बड़े सूरमाओं के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन सोनीपत नगर निगम में मेयर पद के एक ऐसे उम्मीदवार भी हैं, जिनके लिए जीत-हार से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव लड़ने का 'जज्बा' है। हम बात कर रहे हैं गांव गढ़ी ब्राह्मणान के रहने वाले 64 वर्षीय रमेश खत्री की। इस बार चुनाव आयोग ने उन्हें 'रोड रोलर' चुनाव चिह्न क्या आवंटित किया, उन्होंने इसे महज कागज का टुकड़ा समझने के बजाय अपनी हकीकत की सवारी ही बना लिया।

ढाई हजार रुपये रोज का किराया और खुद का 'शाही' सफर

आम तौर पर उम्मीदवार लग्जरी गाड़ियों और झंडों के साथ रोड शो करते हैं, लेकिन रमेश खत्री ने एक छोटा रोड रोलर ही किराए पर बुक कर लिया है। इसके लिए वे रोजाना ढाई हजार रुपये का भुगतान कर रहे हैं। शहर की तंग गलियों से लेकर मुख्य चौराहों तक, जब खत्री अपने चुनाव चिह्न यानी रोड रोलर पर सवार होकर निकलते हैं, तो राहगीर ठिठक कर उन्हें देखने पर मजबूर हो जाते हैं। खत्री का कहना है कि वे जनता को यह दिखाना चाहते हैं कि उनका निशान कितना मजबूत है।

डिग्री धारी उम्मीदवार, पर जमानत से है पुराना नाता

रमेश खत्री कोई अनपढ़ व्यक्ति नहीं हैं; वे बीएससी और बीएड करने के बाद वकालत की पढ़ाई भी पूरी कर चुके हैं। उनकी एक और दिलचस्प पहचान यह है कि वे किसी भी चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने वाले पहले व्यक्ति होते हैं। रिकॉर्ड की बात करें तो वे अब तक 12 अलग-अलग चुनाव लड़ चुके हैं और हर बार उनकी जमानत जब्त हुई है। कभी उन्हें 250 वोट मिलते हैं तो कभी दो हजार, लेकिन वे इसे हार नहीं, बल्कि उन चंद वोटर्स का भरोसा मानते हैं जो उनके नाम के आगे बटन दबाते हैं।

परिवार का साथ और लोकतंत्र का रंग

भले ही राजनीतिक गलियारों में उन्हें 'सीरियस' कैंडिडेट न माना जाता हो, लेकिन उनके परिवार के लिए रमेश खत्री किसी नायक से कम नहीं हैं। उनके घर के सदस्य भी पूरे उत्साह के साथ उनके इस अनूठे चुनाव प्रचार में हाथ बंटाते हैं। रमेश खत्री का कहना है कि लोकतंत्र में भागीदारी ही सबसे बड़ी जीत है। सोनीपत की सड़कों पर रेंगता उनका यह रोड रोलर इस बात का गवाह है कि चुनाव सिर्फ सत्ता पाने का जरिया नहीं, बल्कि कभी-कभी अपनी बात कहने और अपनी पहचान दर्ज कराने का एक रंगीन मंच भी होता है। अब देखना यह है कि इस बार 'रोड रोलर' की सवारी उन्हें निगम की दहलीज पार करवा पाती है या फिर जमानत जब्त होने का रिकॉर्ड 13वीं बार भी बरकरार रहता है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!