हरियाणा में मौसम का तांडव: करनाल-कुरुक्षेत्र में गिरे ओले, 5 मई तक आंधी-बारिश का अलर्ट
Apr 30, 2026 5:31 PM
हरियाणा। हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी पर कुदरत ने पानी फेर दिया है। सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते गुरुवार दोपहर बाद प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। देखते ही देखते आसमान काले बादलों से घिर गया और तेज आंधी के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। सबसे ज्यादा असर करनाल और कुरुक्षेत्र में देखने को मिला, जहाँ भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी।
ओलों से ढका करनाल-कुरुक्षेत्र, दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट पर बादलों का पहरा
दोपहर ढलते-ढलते जीटी रोड बेल्ट के जिलों में मौसम रौद्र रूप में आ गया। करनाल में बड़े आकार के ओले गिरने से ऐसा लगा मानो सड़कों पर बर्फ की चादर बिछ गई हो। वहीं, सोनीपत, पानीपत और कैथल में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल जैसे दक्षिण हरियाणा के जिलों में भी धूल भरी आंधी के साथ बादलों की आवाजाही जारी है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
सावधान! अगले 3 घंटे और 5 मई तक की चेतावनी
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी कर कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, कैथल, जींद, रोहतक और अंबाला के लिए अगले कुछ घंटों का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। राहत की बात यह है कि यह सिलसिला थमा नहीं है; अनुमान है कि 2 मई से 5 मई के बीच एक और मौसमी सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे आंधी-बारिश का दौर दोबारा लौट सकता है।
किसानों के लिए 'रेड अलर्ट'
भले ही आमजन के लिए यह मौसम सुहावना हो, लेकिन उन किसानों के लिए यह आफत बनकर आया है जिनकी फसलें खलिहानों में हैं या अभी कटाई का काम चल रहा है। मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को ढककर रखें और मौसम पूरी तरह साफ होने तक कटाई या मड़ाई का काम टाल दें। साथ ही, तेज आंधी के दौरान बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने की अपील की गई है।