हरियाणा ग्रुप-D भर्ती पर बड़ा एक्शन: मुख्य सचिव की विभागों को अंतिम चेतावनी, 4 मई तक दें खाली पदों का ब्योरा
Apr 30, 2026 11:31 AM
हरियाणा। हरियाणा में सरकारी नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश सरकार ने ग्रुप-D के खाली पदों को भरने की कवायद तेज कर दी है, लेकिन इस प्रक्रिया में रोड़ा बन रहे लापरवाह विभागों पर अब गाज गिरनी तय है। मुख्य सचिव कार्यालय ने राज्य के सभी बोर्डों, निगमों और वैधानिक निकायों को 'अंतिम अवसर' देते हुए 4 मई तक खाली पदों का विस्तृत ब्योरा जमा करने का आदेश दिया है। शासन ने दो टूक कहा है कि यदि निर्धारित समय तक जानकारी नहीं भेजी गई, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित विभाग में कोई पद खाली नहीं है और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया जाएगा।
बार-बार के निर्देशों को ठेंगा दिखा रहे विभाग
सरकारी गलियारों में इस बात को लेकर खासी नाराजगी है कि पदों का विवरण मांगने के बावजूद कई विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इससे पहले 3 अप्रैल को भी सभी महकमों को निर्देशित किया गया था और 10 अप्रैल तक की समय सीमा तय की गई थी। मानव संसाधन विभाग की हालिया समीक्षा में खुलासा हुआ कि केवल चुनिंदा संस्थाओं ने ही रिक्तियों का डेटा साझा किया है। इसी ढुलमुल रवैये को देखते हुए अब मुख्य सचिव कार्यालय ने कड़ा पत्र जारी कर विभागों की जवाबदेही तय की है।
HSSC करेगा चयन, कुछ पदों पर रहेगी रोक
भर्ती का जिम्मा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को सौंपा गया है। आयोग पारदर्शी तरीके से चतुर्थ श्रेणी के इन पदों पर नियुक्तियां करेगा। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि इस आगामी भर्ती अभियान में 'चौकीदार' और 'सफाई कर्मचारी' के पदों को शामिल नहीं किया गया है। इन दो श्रेणियों को छोड़कर बाकी सभी ग्रुप-D पदों के लिए विभागों को अपनी जरूरत बतानी होगी। सरकार की मंशा है कि आचार संहिता या अन्य तकनीकी कारणों से पहले ही रुकी हुई प्रक्रियाओं को अब बिना किसी देरी के सिरे चढ़ाया जाए।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
4 मई की डेडलाइन खत्म होते ही HSSC के पास रिक्तियों का अंतिम आंकड़ा पहुंच जाएगा, जिसके बाद विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन का मानना है कि इस भर्ती से प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को सरकारी सेवा में आने का मौका मिलेगा। वहीं, विभागों को चेतावनी दी गई है कि 4 मई के बाद किसी भी विभाग की 'भूल सुधार' या 'अतिरिक्त पद' की मांग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में अब गेंद विभागों के पाले में है कि वे अपने खाली पदों को इस भर्ती में शामिल करवा पाते हैं या नहीं।