हरियाणा को डिजिटल बनाने का रोडमैप: HRMS के 18 मॉड्यूल लागू करने के लिए सीएस ने दी डेडलाइन
May 02, 2026 1:14 PM
हरियाणा। हरियाणा सरकार अब कागजी फाइलों के दौर को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह डिजिटल और नागरिक केंद्रित शासन की ओर बढ़ रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को और पुख्ता करने के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ गहन समीक्षा बैठक की।
मुख्य सचिव ने दोटूक शब्दों में कहा कि मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के 18 मॉड्यूल को सभी विभागों, बोर्डों और निगमों में समान रूप से अपनाना होगा। सरकार का लक्ष्य एक ऐसी प्रशासनिक प्रणाली खड़ी करना है, जहाँ आम जनता के काम में देरी न हो और हर फाइल की गतिविधि पर डिजिटल नजर रखी जा सके।
जनस्वास्थ्य विभाग ने मारी बाजी, डिजिटल रसीदों में आया उछाल
समीक्षा के दौरान विभागों की परफॉरमेंस रिपोर्ट भी सामने आई। इसमें जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने फाइलों के त्वरित निपटान में सबसे शानदार प्रदर्शन कर बाजी मारी है। इसके बाद ग्रामीण विकास और बागवानी विभाग का स्थान रहा। मुख्य सचिव ने बताया कि पिछले कुछ सालों में विभागों में इलेक्ट्रॉनिक रसीदों के उपयोग में भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, उन्होंने ई-फाइलों के निर्माण की रफ्तार को अभी और तेज करने की जरूरत पर बल दिया।
'पार्ल्ड फाइल्स' का नया कॉन्सेप्ट और ई-ऑफिस की व्यक्तिगत निगरानी
कामकाज में और अधिक दक्षता लाने के लिए सरकार अब एक नई श्रेणी “पार्ल्ड फाइल्स” (Parked Files) शुरू करने जा रही है। यह व्यवस्था उन फाइलों के बेहतर प्रबंधन के लिए की गई है, जिन्हें भविष्य में किसी खास समय पर समीक्षा की जरूरत होती है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अब ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन प्रणाली को सभी विभागों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। यानी अब कोई भी कर्मचारी कागजों पर छुट्टी की अर्जी नहीं दे सकेगा। अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को खुद ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी है।