Haryana Weather Update:मौसम विभाग ने हरियाणा में जारी किया हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट, रोहतक में पारा 46.5 डिग्री पार
May 21, 2026 9:47 AM
हरियाणा। हरियाणा इन दिनों सूर्यदेव के तीखे तेवरों और जानलेवा हीटवेव की दोहरी मार झेल रहा है। पड़ोसी राज्य राजस्थान के थार मरुस्थल की ओर से आ रही पछुआ और बेहद शुष्क हवाओं ने समूचे मैदानी इलाकों को आग का गोला बना दिया है। दोपहर होते-होते लू के थपेड़े इतने भीषण हो जाते हैं कि लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। स्थिति यह है कि दोपहर के वक्त बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है, जिससे प्रदेश में एक बार फिर लॉकडाउन जैसी स्थिति का अहसास होने लगा है। बच्चों को इस जानलेवा गर्मी से बचाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए तय समय से 6 दिन पहले, यानी 25 मई से ही स्कूलों को बंद करने का आदेश दे दिया है।
रोहतक 46.5 डिग्री के साथ सबसे तपा, मौसम विभाग का 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम विभाग ने राज्य के बिगड़ते हालातों को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। आंकड़ों की बात करें तो रोहतक जिला इस समय प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहां पारा 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सिरसा में 46.2 डिग्री, भिवानी में 46 डिग्री, अंबाला में 45.7 डिग्री, नारनौल में 45.3 डिग्री और हिसार में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्म हवाओं की रफ्तार इतनी तेज है कि सुबह नौ बजे के बाद से ही धूप चुभने लगती है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
पावर ग्रिड्स पर बढ़ा लोड, ट्रिपिंग से जनता बेहाल
इस रिकॉर्डतोड़ गर्मी का सीधा असर अब सूबे की बिजली व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। घरों और दफ्तरों में कूलिंग अप्लायंसेज के लगातार इस्तेमाल से बिजली की मांग अपने चरम पर पहुंच गई है। सामान्य से कई गुना अधिक खपत होने के कारण सब-स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों पर तकनीकी दबाव बेहद बढ़ गया है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में अघोषित बिजली कटौती, ट्रिपिंग और फॉल्ट की शिकायतें आ रही हैं, जो इस तपती गर्मी में आम जनता की मुसीबतों को दोगुना कर रही हैं।
किसानों को सलाह, आने वाले दिनों में और बढ़ेगा गर्मी का 'टॉर्चर'
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए बताया कि फिलहाल हरियाणा में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा, जिससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि 22 मई को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय तो हो रहा है, लेकिन इससे बारिश नहीं होगी। आसमान में सिर्फ हल्के बादल छा सकते हैं, जो हवा की रफ्तार को रोककर उमस और बेचैनी को और ज्यादा बढ़ा देंगे। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सख्त हिदायत दी है कि वे दोपहर के समय खेतों में जाने से बचें और फसलों पर किसी भी तरह की कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कुछ दिनों के लिए पूरी तरह टाल दें।