हरियाणा सरकार का फैसला, MSME सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा
Apr 14, 2026 1:23 PM
चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार ने अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों में काम कर रहे उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। अब ऐसे क्लस्टर, जहां कम से कम 10 एकड़ क्षेत्र में 50 उद्यमी कारोबार कर रहे हैं, वहां नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से NOC और भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। इससे प्रदेश के कई जिलों—फरीदाबाद, बहादुरगढ़, सोनीपत और पानीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में सीधे असर देखने को मिलेगा।
इस फैसले से छोटे और मध्यम उद्योगों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से नियमों की जटिलता के कारण उद्योग नियमित नहीं हो पा रहे थे, जिससे बैंकिंग, बिजली और अन्य सुविधाओं में दिक्कतें आती थीं।
बजट में की गई घोषणा अब जमीन पर
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते समय अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों को नियमित करने का ऐलान किया था। उसी घोषणा को अब लागू करने की दिशा में यह ठोस कदम माना जा रहा है।
सरकार ने साफ किया है कि जब तक किसी कॉलोनी के नियमितीकरण पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक संबंधित विभाग उन्हें वैध मानते हुए मूलभूत सुविधाएं देते रहेंगे। इससे उद्योगों को कामकाज जारी रखने में रुकावट नहीं आएगी।
ऐसे करना होगा आवेदन
सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, उद्यमियों को सामूहिक रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान अस्थाई छूट या नियमितीकरण प्रमाण-पत्र के लिए 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से स्क्रूटनी फीस जमा करनी होगी।
यह प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और फाइलों के लंबे चक्कर से राहत मिलेगी। साथ ही, सामूहिक आवेदन से छोटे उद्यमियों को भी प्रक्रिया में शामिल होना आसान होगा।
नई और पुरानी दोनों यूनिट्स को फायदा
उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने नियमों में संशोधन की जानकारी दी है। इसके तहत 1 जनवरी 2021 से पहले से उत्पादन कर रहे सभी उद्योग इस योजना के पात्र होंगे।
इसके अलावा नई अल्ट्रा और मेगा परियोजनाएं, बड़ी इंडस्ट्रियल यूनिट्स और MSME सेक्टर को भी इस नीति का लाभ मिलेगा। इससे राज्य में निवेश बढ़ने और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।