हरियाणा की राजनीति में नया भूचाल: INLD विधायक अर्जुन चौटाला ने किया 'कॉकरोच जनता पार्टी' का समर्थन
May 22, 2026 11:01 AM
हरियाणा। हरियाणा की सियासत में इन दिनों एक अजीबोगरीब नाम की खूब चर्चा हो रही है और वह नाम है 'कॉकरोच जनता पार्टी'। सोशल मीडिया की दुनिया से निकला यह कोई वास्तविक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि बेरोजगारी और मौजूदा सिस्टम के खिलाफ युवाओं के आक्रोश का एक डिजिटल प्रतीक है। अब इस आंदोलन को हरियाणा के एक बड़े सियासी घराने और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के विधायक अर्जुन चौटाला का सीधा साथ मिल गया है। अर्जुन चौटाला के इस कदम ने प्रदेश की राजनीति में युवाओं के रोजगार और मान-सम्मान के मुद्दे को एक बार फिर से हवा दे दी है।
'युवाओं को कॉकरोच कहना उनके आत्मसम्मान पर चोट'
इस पूरे विवाद की जड़ें उस कथित अदालती टिप्पणी से जुड़ी हैं, जहां बेरोजगार नौजवानों की तुलना 'कॉकरोच' से किए जाने का दावा किया गया था। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अर्जुन चौटाला ने कहा कि विधायक बनने से पहले वह भी इसी युवा पीढ़ी का हिस्सा रहे हैं, जिसे अक्सर आलसी, बेरोजगार या परजीवी कहकर चिढ़ाया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश का युवा पढ़ाई करता है, टैक्स देता है और देश की अर्थव्यवस्था को संभालता है। यही नहीं, जब देश की सीमाओं की रक्षा की बात आती है, तो सरकार इसी युवा से सेना में भर्ती होने की उम्मीद करती है। ऐसे में उन्हें 'कॉकरोच' कहना उनके आत्मसम्मान पर सीधा हमला है।
'पेज डिलीट करना आवाज दबाने की साजिश, कॉकरोच को मारना आसान नहीं'
सोशल मीडिया के इस मूवमेंट की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अर्जुन चौटाला के मुताबिक, इस पेज के फॉलोअर्स की संख्या सत्तारूढ़ बीजेपी के इंस्टाग्राम पेज से भी आगे निकल गई थी। उनका आरोप है कि युवाओं की इस एकजुटता से घबराकर रातों-रात उस सोशल मीडिया पेज को ही बंद करवा दिया गया ताकि इस आवाज को दबाया जा सके। तंत्र पर तीखा तंज कसते हुए इनेलो विधायक ने कहा, "कॉकरोच को अगर दस बार भी कुचलने की कोशिश करोगे, तो आखिर में भागना कुचलने वाले को ही पड़ेगा।" उन्होंने इसे युवाओं के कभी न टूटने वाले हौसले और जिद का प्रतीक बताया।
'मुद्दे आप भेजिए, विधानसभा में सरकार से सवाल मैं पूछूंगा'
अपने इस रुख को केवल बयानों तक सीमित न रखते हुए अर्जुन चौटाला ने इस डिजिटल मुहिम को विधायी ताकत देने का एलान किया है। उन्होंने देश और प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि वे अपनी परीक्षाओं, पेपर लीक, बेरोजगारी और सिस्टम की खामियों से जुड़े सवाल उन्हें ई-मेल के जरिए भेजें। चौटाला ने याद दिलाया कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि भारत के संविधान की शपथ ली है जो जनता को सवाल पूछने का हक देता है। उन्होंने कहा कि एक विधायक के तौर पर मिलने वाले कोटे के सवालों का इस्तेमाल वे अब सीधे इन युवाओं की आवाज को विधानसभा के पटल पर रखने के लिए करेंगे।