हरियाणा का नया मास्टरप्लान: केएमपी के किनारे बसेंगे 5 हाई-टेक शहर, सिंगापुर जैसा होगा नजारा
Apr 22, 2026 10:05 AM
हरियाणा। हरियाणा अब केवल कृषि प्रधान राज्य ही नहीं, बल्कि वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने साफ कर दिया है कि 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे आने वाले समय में राज्य के विकास की मुख्य धमनी साबित होगा। सरकार का विजन इसे केवल एक सड़क तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसके इर्द-गिर्द आधुनिक दुनिया बसाना है। इसी कड़ी में सिंगापुर की तर्ज पर पांच नए शहरों के निर्माण का खाका तैयार किया गया है, जिसके लिए 'पंचग्राम विकास प्राधिकरण' को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली का दबाव होगा कम, सिंगापुर जैसे शहरों में रहने का मिलेगा मौका
इन पांच शहरों के बसने से न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे जनसंख्या के दबाव को भी बड़ी राहत मिलेगी। 2031 की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए सरकार इन शहरों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करेगी। उद्योग मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के संकल्प को पूरा करने में एनसीआर की भूमिका सबसे अहम है और केएमपी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे मजबूत कड़ी है। सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में भी बड़े बदलाव किए हैं ताकि निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
10 नई औद्योगिक टाउनशिप और बढ़ा हुआ बजट: विकास की नई रफ्तार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के अनुरूप, राज्य में 10 नई 'इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप' (IMT) स्थापित की जानी हैं। इनमें से पांच को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और तीन खास तौर पर एनसीआर को केंद्र मानकर विकसित की जा रही हैं। औद्योगिक विस्तार को रफ्तार देने के लिए सरकार बजट में भी कोई कमी नहीं छोड़ रही है। पिछले साल विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई थी, और आने वाले बजट में इस आंकड़े को और ऊपर ले जाने की तैयारी है। एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) को भी निर्देश दिए गए हैं कि उनका लक्ष्य सिर्फ राजस्व कमाना नहीं, बल्कि उद्यमियों को अनुकूल माहौल देना होना चाहिए।
भौगोलिक लाभ: दुनिया के नक्शे पर गुरुग्राम के बाद अब केएमपी की बारी
हरियाणा अपनी भौगोलिक स्थिति का भरपूर लाभ उठा रहा है। तीन तरफ से दिल्ली से घिरे होने और आईजीआई व जेवर एयरपोर्ट से मात्र आधे घंटे की दूरी पर होने के कारण यह क्षेत्र देशी-विदेशी निवेशकों को लुभा रहा है। गुरुग्राम को आईटी हब बनाने के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान केएमपी के बेल्ट को औद्योगिक क्रांति का नया ठिकाना बनाने पर है। आने वाले समय में ये नए शहर और औद्योगिक टाउनशिप न केवल हरियाणा को देश का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाएंगे, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाई प्रदान करेंगे।