जींद पुलिस की डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक: फेसबुक-इंस्टाग्राम के बदमाशों के लिए SP ने जारी किया 'डेथ वारंट'
Apr 22, 2026 11:06 AM
जींद। सोशल मीडिया के दौर में रील और लाइक्स के चक्कर में 'बदमाशी' का दिखावा करने वाले युवाओं के लिए जींद से बड़ी चेतावनी आई है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने साफ कर दिया है कि अब फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाइव आकर समाज में अराजकता फैलाने वालों की खैर नहीं है। उन्होंने कहा कि जो युवा बदमाशों को अपना आदर्श मानकर सोशल मीडिया पर हवाबाजी कर रहे हैं, पुलिस उनकी कुंडली तैयार कर रही है। एसपी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि बदमाशी के इस रास्ते का अंत सिर्फ जेल की सलाखों के पीछे है, इसलिए समय रहते युवा अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएं।
संस्कारों की दुहाई और खाप पंचायतों से अपील
एसपी कुलदीप सिंह ने इस सामाजिक बुराई से लड़ने के लिए अभिभावकों और सामाजिक संगठनों को भी जिम्मेदारी का अहसास कराया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पुलिस का काम नहीं है, बल्कि माता-पिता को भी देखना होगा कि उनका बच्चा मोबाइल पर क्या देख रहा है और क्या पोस्ट कर रहा है। उन्होंने खाप पंचायतों और स्थानीय संगठनों से अपील की कि वे गांवों और कस्बों में बच्चों को संस्कारित शिक्षा देने पर जोर दें। एसपी ने समाज से आह्वान किया कि अगर कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट डालता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सुरक्षा का दुरुपयोग करने वाले 'कलाकार' भी रडार पर
जींद पुलिस की यह चेतावनी सिर्फ आम युवाओं तक सीमित नहीं है। एसपी ने उन कलाकारों और वीआईपी लोगों को भी आड़े हाथों लिया जिन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उन्होंने पाया कि कुछ लोग अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ रील्स बनाकर या अपनी लाइसेंसी गन का प्रदर्शन कर सोशल मीडिया पर धौंस जमाते हैं। कुलदीप सिंह ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "सुरक्षा आत्मरक्षा के लिए है, हवाबाजी के लिए नहीं। अगर किसी ने भी सरकारी सुरक्षा का दुरुपयोग किया, तो सुरक्षा वापस लेने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।"
फर्जी पास और 'नंबर प्लेट' की गुंडागर्दी पर चलेगा डंडा
शहर में अपनी धाक जमाने के लिए कुछ लोग अपनी गाड़ियों पर सांसद या विधायक के फर्जी पास और नेमप्लेट लगाकर घूमते हैं। पुलिस अधीक्षक ने ऐसे लोगों को भी रडार पर लिया है। उन्होंने कहा कि नाकाबंदी के दौरान अब गाड़ियों के कागजों के साथ-साथ उन पर लगे वीआईपी पासों की भी गहनता से जांच होगी। फर्जीवाड़ा मिलने पर न केवल गाड़ी जब्त होगी, बल्कि संबंधित व्यक्ति पर धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया जाएगा। जींद पुलिस का यह कड़ा रुख सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक कानून का इकबाल बुलंद करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।