हरियाणा में श्रमिकों को हर महीने 1,000 रुपये पेंशन, जानें किसे मिलेगा लाभ
Mar 07, 2026 12:54 PM
चंडीगढ़ | हरियाणा में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और मजदूरों के लिए राज्य सरकार ने नई पेंशन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने 1,000 रुपये की पेंशन दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य ऐसे मजदूरों को बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देना है, जिनकी आय नियमित नहीं होती और जिनके पास स्थायी नौकरी या पेंशन की व्यवस्था नहीं होती।
प्रदेश के कई जिलों—जैसे करनाल, हिसार, रोहतक, पानीपत और सोनीपत—में बड़ी संख्या में मजदूर असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इन श्रमिकों के लिए उम्र बढ़ने के बाद आय का कोई भरोसा नहीं रहता, ऐसे में यह योजना उन्हें न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई है।
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को मिलेगा फायदा
राज्य सरकार की यह योजना खासतौर पर उन श्रमिकों के लिए तैयार की गई है जो दिहाड़ी मजदूरी, निर्माण कार्य, फैक्ट्री या छोटे उद्योगों में अस्थायी रूप से काम करते हैं। ऐसे श्रमिकों के पास अक्सर स्थायी रोजगार या रिटायरमेंट के बाद आय का कोई साधन नहीं होता।
योजना के तहत जब पंजीकृत श्रमिक की उम्र 60 वर्ष पूरी हो जाएगी, तब सरकार हर महीने 1,000 रुपये की पेंशन सीधे उसके बैंक खाते में भेजेगी। इससे बुजुर्ग श्रमिकों को रोजमर्रा के खर्चों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
इन शर्तों का करना होगा पालन
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं। लाभार्थी का श्रमिक या मजदूर वर्ग से होना जरूरी है।
आवेदन के समय उसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही उसके पास श्रम कार्ड या संबंधित श्रम विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य है। पेंशन का लाभ 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद ही शुरू होगा।
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए पहले श्रमिक को पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए आधार कार्ड, श्रम कार्ड और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। पात्रता पूरी होने के बाद सरकार की ओर से हर महीने 1,000 रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इससे मजदूरों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और भुगतान सीधे मिल सकेगा।