हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्री अब और आसान, मई में शुरू होगा पेपरलेस-2.0 सिस्टम
May 01, 2026 10:58 AM
हरियाणा। हरियाणा में जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए अब 'पेपरलेस-2.0' (Paperless-2.0) व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। राजस्व विभाग की योजना के मुताबिक, मई के आखिरी हफ्ते तक इस सिस्टम को अपग्रेड कर दिया जाएगा। इसके ठीक बाद जून या जुलाई महीने में 'फेसलेस रजिस्ट्री' का बहुप्रतीक्षित पायलट प्रोजेक्ट जमीन पर उतारा जाएगा।
गुरुग्राम-फरीदाबाद से होगी नई व्यवस्था की शुरुआत
राजस्व विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, फेसलेस रजिस्ट्री का पहला प्रयोग प्रदेश के उन जिलों में किया जाएगा जहां जमीनों के सौदे सबसे ज्यादा होते हैं। इसके लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद की तहसीलों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। विभाग का मानना है कि इन बड़े केंद्रों पर सफलता मिलने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करना आसान होगा। गौरतलब है कि पिछले साल शुरू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री-1 के दौरान आवेदन फॉर्म में मांगी जाने वाली जानकारियों को लेकर काफी शिकायतें मिली थीं, जिसे अब 2.0 वर्जन में काफी सरल बनाया जा रहा है।
आखिर क्या है फेसलेस रजिस्ट्री और इसके फायदे?
फेसलेस रजिस्ट्री का सीधा मतलब है कि आपको अपनी संपत्ति की खरीद-बिक्री के लिए सरकारी दफ्तरों की चौखट नहीं लांघनी होगी। इसके लिए एक एडवांस तकनीकी सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसमें आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) और डिजिटल फोटोग्राफी के जरिए आवेदक की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उन बिचौलियों और भू-माफियाओं पर भी लगाम लगेगी जो फर्जी कागजातों के दम पर लोगों को चूना लगाते हैं।
साल के अंत तक पूरे प्रदेश में लागू होगा सिस्टम
भू-अभिलेख निदेशक डॉ. यशपाल के मुताबिक, विभाग पहले किसी एक तहसील में इस प्रक्रिया के परिणामों का करीब दो महीने तक बारीकी से अवलोकन करेगा। यदि तकनीकी रूप से सब कुछ दुरुस्त रहा, तो इस साल के अंत तक हरियाणा के हर जिले में फेसलेस रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को कम करना है, ताकि आम नागरिक बिना किसी डर या अतिरिक्त खर्चे के अपनी जमीन के कागजात तैयार करवा सके।